बसपा काल के स्मारकों के संरक्षण के लिए गठित समारक संरक्षण समिति के कर्मचारियों का वेतन बढ़ा दिया गया है। अखिलेश सरकार में इन कर्मचारियों का वेतन बढ़ना एक सुखद आश्चर्य के समान है।
मगर वाह्य क्षेत्र सुरक्षा वाहिनी कर्मियों का वेतन चार बार से नहीं बढ़ाया गया है। इसके अलावा उनके तमाम भत्ते भी खत्म कर दिये गये हैं। स्मारक संरक्षण समिति में कर्मचारियों की संख्या जहां 5500 है, वहीं वाहिनी में 1200 कर्मचारी हैं।
एक ओर जहां स्मारक संरक्षण समिति के कर्मचारियों की ओर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बधाई दी गई है। वहीं दूसरी ओर वाहिनी के कर्मचारी अब अपने आला अधिकारियों को पत्र लिख कर मांग कर रहे हैं कि, उनके भत्तों की कटौती खत्म की जाये और उनका बकाया इंक्रीमेंट एरियर के साथ दिया जाये।
स्मारक समिति की ओर से कर्मचारियों ने कहा कि, उनको लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मगर राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता और वार्षिक वेतन बढ़ोतरी देकर कर्मचारियों का भला किया है।