बाराबंकी में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी को केंद्र पर एक घंटा लेट पहुंचने का दोषी पाया गया तो उसकी पगार में कटौती की गई, जांच बैठा दी गई और फौरन ही 400 किलोमीटर दूर तबादला कर दिया गया।
तबादले के आदेश को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी गई जिसपर कोर्ट ने सरकार से प्रकरण का ब्यौरा तलब किया है। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि क्या संबंधित कर्मी का स्थानांतरण बाराबंकी जिले के किसी अन्य ब्लाक में अथवा आस-पास कहीं किया जा सकता है।
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने यह आदेश सत्येंद्र पटेल की याचिका पर दिए। याचिका में कहा गया कि 13 नवंबर 2018 को बाराबंकी के शरीफाबाद प्राथमिक चिकित्सा केंद्र का औचक निरीक्षण हुआ था। उस दिन केंद्र पर फार्मासिस्ट के पद पर तैनात याची निर्धारित समय से एक घंटे विलंब से पहुंचा था। इस पर उसकी पगार में से कटौती की गई थी और विभागीय जांच भी प्रारंभ कर दी गई थी जिसका कोई परिणाम अभी तक नहीं आ सका है।