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पीएम मोदी से संत नाराज, बोले जन्मभूमि पर क्यों नहीं लेते सेल्फी?

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विश्व हिंदू परिषद के मार्गदर्शक मंडल की बैठक में संतों ने पीएम मोदी के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। खासतौर से ये संत अयोध्या मुद्दे को लेकर नाराज थे। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में हो रही देरी से संतों ने मोदी को जिम्मेदार ठहराया।
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गुरुवार को आयोजित हुई विहिप की बैठक में संतों ने कई बड़े सवाल भी उठाए। संतों का कहना था कि राम मंदिर के मुद्दे पर पीएम मोदी 'मन की बात' क्यों नहीं करते। संतों ने आगे ये भी कहा कि दुनिया के हर देश में जाकर सेल्फी लेने के शौकीन पीएम मोदी ने अभी तक राम जन्मभूमि के सामने सेल्फी नहीं ली है। वो यहां सेल्फी क्यों नहीं लेते।

विहिप के मार्गदर्शक मंडल की बैठक की अध्यक्षता स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने की। इसमें नरेन्द्रानंद सरस्वती, डॉ.रामविलास वेदांती, महंत सुरेश दास, नरेन्द्र सरस्वती, महंत कमल नयन दास, विजय राम दास, सुदर्शनाचार्य माधवाचार्य, गोपाल जी महाराज, रामरतन दास, संतोष दास सतुआ बाबा, महंत जगत रामदास, शत्रुघ्न दास, चंपत राय, स्वामी अजनेशानंद आदि मौजूद थे।
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विहिप की बैठक में संतों ने उठाए ये बड़े मुद्दे

विहिप की बैठक में चार प्रस्ताव पारित किए गए। संतों ने इस बैठक में कहा कि श्रीरामजन्म भूमि पर मंदिर के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार स्पेशल बेंच गठित करे। इसमें दिक्कत हो तो संसद का संयुक्त सदन बुलाकर प्रस्ताव पारित करे।

संतों ने हरिद्वार और उज्जैन में विहिप के साथ मिलकर इस मुद्दे पर सम्मेलन करने और मंदिर आंदोलन की तारीख तय करने की बात भी कही। बैठक का दूसरा मुद्दा था कि केन्द्र सरकार गंगा की तर्ज पर गौ मंत्रालय बनाए। गाय को राष्ट्रीय प्राणी घोषित कर संरक्षित किया जाए। राज्य सरकार गोचर भूमि खाली करे। जेलों और सैनिक छावनियों में गौपालन अनिवार्य किया जाए।

विदेश से आ रहे धन की जांच हो। जबरन धर्मांतरण में लिप्त लोगों पर रासुका लगे।सरकार जब दूसरे धर्मों के पूजा स्थल का अधिग्रहण नहीं करती तो हिन्दू मंदिरों और मठों का अधिग्रहण भी न हो।
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