लखनऊ। जिला उपभोक्ता आयोग द्वितीय ने दो भूखंडों के लिए 11.52 लाख रुपये जमा करने के बावजूद परिवादियों को भूखंड न देने पर साहू लैंड डेवलपर्स को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ जमा राशि लौटाने का आदेश दिया है।
राजधानी की अल्पी चोपड़ा और उनके पति अमित चोपड़ा ने सितंबर 2012 में साहू लैंड डेवलपर्स प्रालि के एक प्रोजेक्ट में दो भूखंडों के आवंटन के लिए आवेदन किया था। उन्हें भूखंड संख्या 1581 व 1582 आवंटित किए गए। जुलाई 2019 में परिवादियों ने प्रत्येक भूखंड के लिए 5.76 लाख रुपये डेवलपर को दिए। कुछ समय बाद उन्होंने साइट का दौरा किया तो वहां मूलभूत सुविधाओं का कोई विकास नहीं पाया। शिकायत के बावजूद कंपनी ने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। धनराशि वापस न मिलने पर 27 अप्रैल 2023 को आयोग में वाद दायर किया गया।
गत 10 अप्रैल को आयोग के अध्यक्ष अमरजीत त्रिपाठी और सदस्य प्रतिभा सिंह ने सुनवाई की और साहू लैंड डेवलपर्स को जमा राशि पर 9 प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया। मानसिक कष्ट के लिए 20 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे। वाद व्यय के लिए पांच हजार रुपये भी अदा करने होंगे। यह भुगतान आदेश जारी होने के 30 दिन के भीतर करना अनिवार्य है। यदि भुगतान में देरी होती है, तो 12 प्रतिशत ब्याज के साथ धनराशि का भुगतान करना होगा।