शहीद पथ की मार्ग प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने की कार्य योजना मंडलायुक्त द्वारा गठित उप समिति ने तैयार कर ली है। इसे गुरुवार को मंडलायुक्त के साथ होने वाली बैठक में पेश किए जाएगा।
कार्ययोजना के तहत शहीद पथ को जगमगाने के लिए सात करोड़ रुपये का खर्च आएगा। साथ ही समिति ने रिपोर्ट भी बना ली है कि मार्ग प्रकाश व्यवस्था पर सालाना कितना बिल आएगा और रखरखाव पर कितना खर्च आएगा।
शहीद पथ पर मार्ग प्रकाश व्यवस्था किस तरह से की जाएगी और उसका संचालन और रखरखाव कैसे होगा, इसको लेकर बीते शुक्रवार को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति की बैठक हुई थी।
इस दौरान एलडीए के मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में एक उपसमिति का गठन किया गया था। इस समिति को 10 अप्रैल तक रिपोर्ट देेने का निर्देश दिया गया था।
कमेटी में अधिशासी अभियंता मार्ग प्रकाश, उप महाप्रबंधक लेसा, अधीक्षण अभियंता आवास विकास परिषद और एनएचएआई के अधिकारी भी शामिल किए गए थे।
मंडलायुक्त द्वारा दिए गए निर्देश के तहत उप समिति ने शहीद पथ का निरीक्षण कर इसकी मार्ग प्रकाश व्यवस्था के लिए रिपोर्ट तैयार कर ली है।
इसे गुरुवार को मंडलायुक्त के साथ होने वाली बैठक में पेश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक शहीद पथ पर मार्ग प्रकाश व्यवस्था के लिए 400 वॉट की 1200 सोडियम लाइटें लगाने का प्रस्ताव बनाया गया है।
उप समिति ने सर्दी के मौसम में कोहरे के दौरान एलईडी लाइटों के ठीक से काम न करने के कारण इनके लगाए जाने के लिए पूर्व में बने प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।
साथ ही सोडियम लाइटों लगाने का सुझाव दिया था। मार्ग प्रकाश के लिए पोल किनारे के बजाय डिवाइडर के बीच में लगाए जाएंगे। शहीद पथ के दोनों किनारों अमौसी एयरपोर्ट के पास और फैजाबाद रोड पर हाईमास्ट लगाए जाएंगे।
शहीद पथ पर मार्ग प्रकाश पर खर्च होने वाली बिजली बिल का आंकलन भी किया। उप समिति के रिपोर्ट के मुताबिक बिजली बिल का सालाना खर्च करीब 1.40 करोड़ रुपये आएगा।
इसी तरह मार्ग प्रकाश व्यवस्था के रखरखाव पर सालाना करीब 20 लाख रुपये का खर्च आएगा। उप समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी साफ किया है कि शहीद पथ का कितना हिस्सा किस विभाग की सीमा में आता है।
रिपोर्ट के अनुसार शहीद पथ का करीब 11 किमी हिस्सा नगर निगम सीमा में आता है। करीब पांच किमी एलडीए में, तीन किमी अंसल में और करीब साढ़े चार किमी हिस्सा आवास विकास परिषद के क्षेत्र में आता है।
हालांकि अभी इस पर निर्माण होना बाकी है कि जिसके हिस्से में शहीद पथ का जितना रूट आता है उतने दायरे की मार्ग प्रकाश व्यवस्था वह कराएगा या एनएचएआई।
वैसे बीती एक अप्रैल को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह तय हुआ था कि एनएचएआई ही खर्च उठाएगी। मगर एनएचएआई के अधिकारी खर्च उठाने में असमर्थता जता रहे हैं।