जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था हाईटेक, अब अधीक्षक को भी तलाशी के बाद मिलेगा प्रवेश
जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक करते हुए जेल की सुरक्षा अब पीएससी व नागरिक पुलिस के हाथों में सौंपी गई है।
रविवार से जेल अधीक्षक भी तलाशी कराने के बाद ही जेल में प्रवेश कर सकेंगे। जिला जेल में प्रवेश करने वाले अधिकारियों से लेकर जेल कर्मचारियों की सघन तलाशी करने के बाद ही उन्हें दाखिल होने दिया जाएगा।
जिसके तहत जिला जेल की हाई सिक्योरिटी शनिवार को छावनी में तब्दील कर दी गई। जेल को उच्चतम सुरक्षा व्यवस्था के घेरे में रखा गया है।
इसके लिये करीब डेढ़ सौ की संख्या में अतिरिक्त फोर्स जेल गेट से लेकर हाई सिक्योरिटी तक तैनात की गई है।
शनिवार दोपहर कश्मीर से अलगाववादी नेता सहित 24 कैदियों को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राजधानी की जिला जेल में शिफ्ट किया गया।
जबकि पाकिस्तानी व बांग्लादेशी सहित कुल 33 आतंकी के अलावा दर्जनों शातिर अपराधियों के निरुद्ध होने के कारण जिला जेल पहले से ही अति संवेदनशील मानी जाती है।
जिला जेल की सुरक्षा अब उच्चतम सुरक्षा के घेरे में होगी। जेल के अधीक्षक को भी तलाशी कराने के बाद ही जेल में प्रवेश मिलेगा।
जिसके तहत जेल के सुरक्षा नियमों को सख्त करते हुए जेल पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। जेल गेट पर आधा दर्जन उपनिरीक्षकों के साथ ही पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है।
पीएसी के जवान जेल प्रवेश करने वाले जेल कर्मियों की तलाशी लेंगे। जबकि जेलर, डिप्टी जेलर व जेल अधीक्षक की तलाशी उपनिरीक्षकों के द्वारा ली जायेगी।
वहीं, जेल गेट के अंदर ड्यूटी पर लगे जेल कर्मी जेल में दाखिल होने वाले नागरिक पुलिस व पीएसी के जवानों की तलाशी लेंगे।
इस तरह सभी अधिकारी व कर्मचारी तलाशी के बाद ही जेल में प्रवेश कर पाएंगे। इतना ही नहीं बैरियर से ही जेल गेट की ओर जाने पर पाबंदी लगा दी गई है।
जेल गेट से लेकर अंदर तक लगे अतिरिक्त फोर्स की मॉनिटरिंग प्रभारी निरीक्षक गोसाईंगंज व सीओ मोहनलालगंज द्वारा की जायेगी।
सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक करते हुए जेल की निगरानी में करीब 150 पीएसी व नागरिक पुलिस जवानों को लगाया गया है। जेल के अंदर हाई सिक्योरिटी से लेकर जेल गेट व बैरियर तक अतिरिक्त फोर्स को तैनात किया गया है।