लखनऊ। दारुल उलूम निजामिया फरंगी महल की ईद-उल-अजहा हेल्पलाइन का सहारा लेकर बृहस्पतिवार को भी मुसलमानों ने आशंकाओं को दूर किया। हेल्पलाइन पर दारुल उलूम निजामिया फरंगी महल के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की अध्यक्षता में उलमा के पैनल ने सवालों के जवाब दिए।
हेल्पलाइन के फोन नंबरों 9415023970, 9335929670, 7007705774, 9415102947, 9140427677 और वेबसाइट www.farangimahal.in पर 10 जून तक दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक कुर्बानी, हज, उमरा और इबादत से जुड़ी अन्य आशंकाओं से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। सवालों के जवाब ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी की अध्यक्षता में उलमा का एक पैनल देता है।
हेल्पलाइन पर पूछे गए सवाल व उनके जवाब
सवाल: तकबीर तशरीक (कुर्बानी के दिनों में बोली जाने वाली तकबीर) कितने दिन तक कही जाएगी?
जवाब: तकबीर तशरीक 9 जिलहिज्ज की फज्र से 13 जिलहिज्ज की असर तक हर नमाज की जमाअत के बाद कही जाएगी।
सवाल: अगर कोई शख्स ईद उल अजहा की नमाज से पहले कुर्बानी कर ले तो क्या होगा?
जवाबः दूसरा जानवर लेकर दोबारा कुर्बानी करनी होगी।
सवाल: एक औरत के शौहर का इंतकाल हो गया है, वह साबिहे हैसियत है, क्या वह अपने दामाद के साथ हज करने जा सकती है?
जवाब: दामाद महरम (जिससे कभी निकाह नहीं हो सकता) है। उसके साथ हज का सफर करना सही है।
सवाल: जिस शख्स पर कुर्बानी वाजिब नही है, अगर वह बाल और नाखून न काटे तो क्या उसको सवाब मिलेगा?
जवाब: जी नहीं। यह सिर्फ कुर्बानी करने वालों के लिए खास है।
सवाल: बच्चे के बालिग होने या इंतकाल के बाद अकीका करना कैसा है?
जवाब: बालिग होने के बाद सही है लेकिन इंतकाल होने के बाद सही नही।