प्रदेश सरकार ने तेजाब के भंडारण और बिक्री को नियंत्रित करने और उसके दुरुपयोग को रोकने के लिए निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव राहुल भटनागर की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि आपराधिक कृत्यों में तेजाब के प्रयोग को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने निर्देश दिया है कि अधिकृत विक्रेता 15 दिन के अंदर तेजाब के भंडारण की रिपोर्ट संबंधित एसडीएम को दें। मुख्य सचिव ने सभी एसडीएम को समय-समय पर दुकानों के निरीक्षण और गड़बड़ी मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पूरा भंडारण जब्त करने की भी हिदायत दी है।
दुकानदार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भी वसूला जा सकता है। मुख्य सचिव ने इस बात पर नाराजगी भी जताई कि उप जिलाधिकारी तेजाब की दुकानों का नियमित रूप से निरीक्षण नहीं कर रहे और पूर्व में निर्धारित हर माह की 7 तारीख तक गृह विभाग को निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट भी नहीं भेज रहे हैं।
उन्होंने इस संबंध में सभी डीएम को पत्र भेजकर कहा है कि निर्धारित प्रारूप के अनुसार रजिस्टर भी दुरुस्त रखें। रजिस्टर में यह भी उल्लेख किया जाएगा कि तेजाब किसने खरीदा, कितना खरीदा। उसका नाम व पूरे पते के साथ पहचानपत्र की प्रति रखना अनिवार्य है।
हर माह की 7 तारीख को भेजनी होगी रिपोर्ट
मुख्य सचिव ने सभी एसडीएम, औषधि-नियंत्रण विभाग/पुलिस अधिकारी अथवा सहायक चिकित्सा अधिकारियों को समय-समय पर रजिस्टर का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने अधिकारियों को हर माह की सात तारीख तक तेजाब विक्रेताओं की दुकानों के निरीक्षण में मिली खामियों और की गई कार्रवाई व वसूले गए जुर्माने की रिपोर्ट गृह विभाग को फैक्स और ई-मेल पर अनिवार्य रूप से भेजने को कहा है।