गर्भवती महिला के भाई श्रवण का आरोप है कि एंबुलेंस चालक ने सस्ता व बेहतर इलाज का झांसा देकर रविवार देर रात मरीज को समर हॉस्पिटल पहुंचा दिया। आरोप है कि इलाज में लापरवाही से गर्भवती महिला की मौत हो गई।
इससे नाराज तीमारदारों ने विरोध किया तो मारपीट की गई। इसके बाद अन्य तीमारदार जुटे तो डॉक्टर व स्टाफ अस्पताल छोड़कर भाग निकले। पुलिस को सूचना दी गई तो वह मौके पर पहुंची, लेकिन कार्रवाई के बजाय तीमारदारों को शव ले जाने का दबाव बनाने लगी।
पति देशराज का आरोप है कि एंबुलेंस चालक ने रास्ते में क्वीन मेरी अस्पताल में भीड़ के चलते अच्छा इलाज न मिल पाने की बात कही। निजी अस्पताल में आसानी से बेहतर व सस्ता इलाज मिलने की बात कह छोड़ गया। वहां पहुंचते ही काउंटर पर 30 हजार रुपये जमा करा लिए गए।
पुलिस पर लगाया मिलीभगत का आरोप
महिला के भाई श्रवण का आरोप है कि गर्भवती की मौत के बाद अस्पताल पहुंची पुलिस बोली कि लाश लेकर जल्दी घर चले जाओ, बवाल करोेगे तो मुकदमा लिख देंगे। तीमारदारों की तहरीर भी नहीं ली।
तीमारदार अपनी मर्जी से मरीज को लेकर आए थे। उन्होंने हंगामा करते हुए स्टाफ को मारने के लिए दौड़ाया। इलाज में लापरवाही व मारपीट का आरोप गलत है।
- डॉ. अब्दुल मलिक, समर हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल
मामले की कराएंगे जांच
गर्भवती महिला की मौत मामले में जांच कराई जाएगी। तीमारदारों की अभी लिखित शिकायत नहीं आई है।
- डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ
तीमारदारों ने नहीं दी तहरीर
मरीज की मौत की सूचना पर फोर्स संग पहुंचे थे। तीमारदारों के आरोप गलत है। तीमारदारों ने खुद तहरीर नहीं दी है।
- देशराज सिंह, दुबग्गा चौकी प्रभारी