लखनऊ के हसनगंज थाना क्षेत्र में पुराने पुल के नीचे रिवर फ्रंट पर स्थित गोमतेश्वर मंदिर में बृहस्पतिवार शाम नशेबाजी करने आए थाईलैंड के छात्र मूसा/मोरा और वलीद व उनके साथियों ने जमकर बवाल किया।
विज्ञापन
नशे में धुत छात्रों ने मंदिर के मुख्य पुजारी शिवकुमार कश्यप और सेवादार करन दीक्षित, अन्नू सहित अन्य लोगों को लाठी-डंडों से पीटा। शोर मचने पर लोग एकत्र हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि छात्र बमबाजी व पथराव कर भागने लगे तो भीड़ ने खदेड़ लिया।
थाईलैंड के दोनों छात्रों को दबोच लिया गया। पिटाई के बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया है। बमबाजी और तनाव की जानकारी पाकर एसएसपी मंजिल सैनी, एएसपी ट्रांस गोमती दुर्गेश कुमार सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। छात्रों से पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
एएसपी ट्रांस गोमती ने बताया कि झगड़ा थाईलैंड के छात्र मोरा और वलीद ने शुरू किया था। दोनों तीन साल पहले भारत आए थे और नदवा कॉलेज से अरबी की पढ़ाई कर रहे हैं। उक्त छात्र कोरेक्स और नींद की गोलियों का नशा करते हैं।
बृहस्पतिवार दोपहर वह पांच-छह दोस्तों के साथ मंदिर में नशेबाजी करने गए थे। सेवादार करन ने टोका तो छात्र गाली-गलौज करने लगे। मंदिर के अन्य लोग आए तो शाम को आकर मंदिर में आग लगाने की धमकी देते हुए चले गए।
चार महीने पहले भी हुआ था झगड़ा
यूपी पुलिस
शाम करीब सात बजे मोरा, वलीद व उनके पांच-छह साथी लाठी-डंडे लेकर मंदिर आ धमके। उस वक्त मंदिर में इक्का-दुक्का ही लोग थे। करन ने बताया कि नशेबाज छात्रों ने मुख्य पुजारी से गाली-गलौज व अभद्रता की। करन व अन्नू आए तो उन्हें पीट दिया।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए तो उन्होंने पथराव किया। मंदिर के पुजारी से अभद्रता व गाली-गलौज की जानकारी मिलते ही माहौल गरमा गया। लोगों ने छात्रों को दबोच लिया और लात-घूसों से उनकी पिटाई की। इलाकाई लोगों ने छात्रों पर बम से हमला करने का भी आरोप लगाया, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
पुलिस ने भी बमबाजी से इनकार किया है। एससपी ट्रांस गोमती ने बताया कि छात्रों की जेब से कोरेक्स की बोतल और नींद की गोलियां मिली हैं। इलाके में फोर्स तैनात कर दी गई है। नदवा कॉलेज के अधिकारियों को बुलवाकर छात्रों के बारे में जानकारी ली जा रही है।
छात्रों के पासपोर्ट की भी पड़ताल कराई जा रही है। फिलहाल छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए किसी ने प्रार्थनापत्र नहीं दिया है। पुलिस ने दोनों छात्रों की थाना की जनरल डायरी में एंट्री करके उन्हें मेडिकल के लिए भेजा है।
सेवादार ने बताया कि मंदिर मुख्य सड़क से नीचे रिवर फ्रंट पर स्थित है। इसके चलते वहां सन्नाटा रहता है। इसका फायदा उठाते हुए नदवा कॉलेज के छात्र यहां आकर नशेबाजी करते हैं। थाईलैंड के छात्र मोरा और वलीद से चार महीने पहले भी मंदिर के सेवादारों का झगड़ा हुआ था। उस वक्त मामला शांत हो गया था लेकिन, बृहस्पतिवार को फिर से हुए झगड़े के बाद घटनाक्रम ने तूल पकड़ लिया।
थाईलैंड के छात्रों के पास से पुलिस को एक डिब्बा मिला, जिसमें कीमती कलाई घड़ियां थीं। पुलिस के मुताबिक, बिना बैंड और चेन की इन घड़ियों का क्या उपयोग था? इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। कहीं यह घड़ियां तस्करी करके तो नहीं लाई गईं? पढ़ाई की आड़ में छात्र विदेशी सामानों की तस्करी तो नहीं कर रहे हैं? यह छानबीन भी की जा रही है।
पुलिस और इलाकाई लोगों को थाईलैंड के छात्रों की भाषा समझ नहीं आ रही थी। एएसपी ट्रांस गोमती ने छात्रों से अंग्रेजी में बातचीत की कोशिश की लेकिन वह अंग्रेजी भी नहीं जानते-समझते थे। भाषाई दिक्कत के चलते काफी देर तक उनसे संवाद नहीं हो सका।
छात्रों के पास से मिले आईकार्ड से पुलिस को पता चला कि वह नदवा में रहकर वहीं से पढ़ाई कर रहे हैं। इसके बाद नदवा कॉलेज के अधिकारियों और दुभाषिए को हसनगंज कोतवाली बुलवाया गया।
थाईलैंड के छात्रों के पकड़े जाते ही खुफिया एजेंसियां हरकत में आ गईं। एटीएस, आईबी और एनआईए के अधिकारियों ने राजधानी पुलिस के अधिकारियों से संपर्क कर मामले की जानकारी ली। एसएसपी ने बताया कि थाईलैंड दूतावास को छात्रों के बारे में जानकारी दे दी गई है।