दो साल से वेतन न मिलने के कारण आजम खां के आवास पर इंसाफ की गुहार लगाने पहुंचे मदरसा आधुनिकीकरण बोर्ड के शिक्षकों पर जमकर लाठीचार्ज हुआ।
आवास पर ही मौजूद आजम खां से न मिल पाने से नाराज शिक्षक उनके आवास के सामने ही धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घसीटकर शिक्षकों पर लाठीचार्ज कर दिया।
शिक्षकों को पांच विक्रमादित्य मार्ग पर मुख्यमंत्री निवास के सामने दौड़ाकर पीटा गया। इसमें एक शिक्षक घायल हो गया जबकि पुलिस ने आधा दर्जन को हिरासत में ले लिया।
इन शिक्षकों के खिलाफ थाना गौतमपल्ली में मुकदमा दर्ज किया जा रहा था। प्रदेश भर में तैनात मदरसा आधुनिकीकरण बोर्ड के तहत मदरसों में चल रहे मिनी आईटीआई में विज्ञान और कम्प्यूटर जैसे विशेष विषयों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की तैनाती की गयी थी।
बताया जाता है कि केंद्र सरकार की इस योजना में राज्य सरकार को भी वेतन का हिस्सा देना होता है। शिक्षकों का आरोप है कि राज्य सरकार केंद्र सरकार की ओर से जारी वेतन को दो साल से वापस लौटा रहा है जबकि राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से प्रदेश सरकार की ओर से भी वेतन नहीं मिल रहा है।
प्रदेशभर से आए थे शिक्षक
इस कारण कई शिक्षकों के घर पर अब रोटी के भी लाले हो गए हैं।
मदरसा आधुनिकीकरण बोर्ड के यह शिक्षक पिछले कई महीने से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे थे।
बुधवार को प्रदेश भर से आए करीब डेढ़ सौ शिक्षक कैबिनेट मंत्री आजम खां से मिलने सुबह 9:30 बजे उनके विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर पहुंचे।
इन शिक्षकों ने बाहर खड़े कर्मचारियों को आजम खां से मिलने के लिए गुहार लगायी। शिक्षकों का आरोप है कि कुछ देर बाद कर्मचारी बाहर आए और बताया कि मंत्री जी अभी किसी से नहीं मिल सकते हैं।
उनसे मिलने के लिए उनके ऑफिस जाना पड़ेगा। शिक्षकों ने कई दिनों तक आजम खां के ऑफिस के चक्कर पहले ही काटने की बात कहते हुए उनसे मिलने की फिर गुहार लगायी।
इस बार भी शिक्षकों को कहा गया कि मंत्री जी नहीं मिल सकते हैं। नाराज शिक्षक मंत्री आजमखां से मिलने की मांग करते हुए उनके आवास के मुख्य द्वार पर ही बैठ गए। सुबह करीब दस बजे धरने पर बैठे शिक्षकों को हटाने के लिए थाना गौतमपल्ली प्रभारी एसके कटिहार भी आ गए।
शिक्षकों को दूर तक खदेड़कर पीटा गया
आजम खां से मिलने की मांग कर रहे शिक्षकों को हटाने के लिए सीओ हजरतगंज अशोक वर्मा करीब 10:15 बजे पहुंचे। सीओ ने रैपिड एक्शन फोर्स और पुलिस बल के जवानों के साथ बिना देरी किये ही शिक्षकों को खदेडऩा शुरू कर दिया।
शिक्षक जमीन पर लेट गए तो उनको घसीटते हुए जमकर लाठीचार्ज कर दी। शिक्षकों को दूर तक खदेड़कर पिटा गया। उनको पांच वीडी मार्ग स्थित सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के आवास के सामने भी जमकर पीटते हुए रेलवे क्रासिंग तक खदेड़ा गया।
लाठीचार्ज में घायल होकर बेहोश हुए शिक्षक को वहां से हटाने के लिए पुलिस और शिक्षकों के बीच जमकर छिनाझपटी हुई। शिक्षक अपने बेहोश साथी को पुलिस को सौंपने को तैयार नहीं थे वहीं पुलिस जल्दी से जल्दी बेहोश शिक्षक को वहां से हटाना चाहती थी। मौकेपर पीएसी के जवानों को बुलाकर घेरेबंदी करने के बाद बेहोश शिक्षक को ले जाया जाने लगा। इस बीच किसी ने उसके मूंह पर पानी फेंका तो होश में आते ही बेहोश शिक्षक वहां से भाग निकला।
पटरियों पर दौड़ाकर पीटा
शिक्षकों का पीछा करते हुए पुलिस दिलकुशा रेलवे क्रासिंग को भी पार कर गयी। जल्दी से जल्दी इन शिक्षकों को वहां से हटाने के लिए पुलिस ने एक बार उनको फिर से खदेड़कर पीटना शुरू कर दिया। लाठीचार्ज से बचने के लिए शिक्षक दिलकुशा की तरफ रेलवे लाइन की ओर ही दौड़ गए। जबकि कई शिक्षक वहां से सुल्तानपुर रोड होते हुए वापस विधानभवन आ गए।
भीड़ को आजम खां के बंगले से हटाने के लिए पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी वहां पहुंच गए। विक्रमादित्य मार्ग को छावनी में तब्दील कर दिया गया। करीब 10:45 बजे आजम खां के घर का दरवाजा खुला तो वह अपने लाव लश्कर के साथ वहां से निकल गए। जिसके बाद ही अधिकारी वहां से वापस हो सके।
पुलिस ने आजम खां के घर का घेराव कर रहे करीब आधा दर्जन शिक्षकों को हिरासत में ले लिया। इन शिक्षकों के खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। इन शिक्षकों पर शांति भंग करने का आरोप लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी।