बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में विश्वकर्मा पूजा के बाद अब सरस्वती की प्रतिमा रखने को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। हंगामे के कारण आयोजित सांस्कृतिक व सम्मान समारोह स्थगित कर दिया गया।
खास ये कि सब कुछ विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों के सामने हुआ लेकिन उन्होंने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। विश्वविद्यालय के अशोका एक्सटेंशन छात्रावास में सोमवार की रात मेधावी छात्रों का सम्मान, फ्रेशर पार्टी व डीजे नाइट का आयोजन किया गया था।
तैयारियों के बीच बाबा साहेब, बुद्ध की प्रतिमा रखी गई। यहां जब सरस्वती प्रतिमा रखी जाने लगी तो एक निलंबित छात्र ने इसका विरोध किया। इसे लेकर जब दूसरे छात्रों ने अपनी बात रखनी चाही तो दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। उनमें नोकझोंक व हंगामा बढ़ गया।
छात्रों की सूचना पर पुलिस पहुंची और मामले को शांत कराया। तनाव को देखते हुए सम्मान समारोह व डीजे नाइट स्थगित कर दी गई। शिक्षक-अधिकारी वहां मौजूद थे, लेकिन चुप रहे और फिर चले गए। वहीं छात्रों के बीच इसे लेकर तनाव बना हुआ है। ये वही छात्र हैं जिन्होंने पिछले दिनों परिसर में विश्वकर्मा पूजा करने से रोका था और उसका भी विरोध किया था।
छात्रों के दो गुटों के बीच हंगामा-बवाल
वहीं विश्वविद्यालय का भारी भरकम सुरक्षा तंत्र इस मामले में भी फेल दिखा। हॉस्टल में छात्रों के दो गुटों के बीच हंगामा-बवाल हुआ लेकिन किसी ने इसकी सूचना जिम्मेदार अधिकारी प्रॉक्टर प्रो. रामचंद्रा को नहीं दी। पुलिस से जानकारी मिलने पर वे पहुंचे।
आयोजन में कुलपति प्रो. एनएमपी वर्मा व विवि के कई वरिष्ठ शिक्षकों को भी शामिल होना था। जानकारी के अनुसार, कुलपति थोड़ी ही देर में यहां जाने वाले थे। किंतु जैसे ही उन्हें हंगामे की सूचना मिली उन्होंने जाना स्थगित कर दिया। कुछ शिक्षक कार्यक्रम स्थल तक पहुंचकर वापस लौट आए।
शिक्षकों के न आने से कार्यक्रम स्थगित
छात्रावास में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समारोह व डीजे नाइट का आयोजन होना था। इसमें कुलपति व अन्य शिक्षकों को भी बुलाया गया था। कई शिक्षक शहर से बाहर थे, उनके न आने के कारण कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। - पवन चौरसिया, वार्डेन, अशोका एक्सटेंशन
पुलिस ने दी सूचना तो पता चला
पुलिस ने पूजा को लेकर हुए हंगामे की सूचना दी तो पता चला। मैं मौके पर पहुंचा, तब तक हंगामा शांत हो चुका था। वार्डन या सुपरीटेंडेंट को पहले छात्रों के साथ बैठक कर कार्यक्रम तय कर लेना था तो कोई विवाद न होता। अधिकारियों की लिखित शिकायत पर कार्रवाई करूंगा। - प्रो. रामचंद्रा, प्रॉक्टर