सैंपल अलग-अलग इलाकों से लिए जाएंगे। ऐसे में इसका भी मूल्यांकन होगा कि किस इलाके में एंटीजन और आरटीपीसीआर की जांच में अंतर मिला है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के तहत एंटीजन जांच हो रही है। इसमें मरीजों को तुरंत परिणाम बता दिया जाता है। जरूरत के हिसाब से कुछ के सैंपल आरटीपीसीआर को भेजे जा रहे हैं।
तमाम ऐसे केस सामने आए हैं, जिनमें पूरी तरह ठीक होने के बाद भी मरीज आरटीपीसीआर में पॉजिटिव आ रहे हैं। इसके पीछे एक वजह यह भी है कि यदि किसी के शरीर में वायरस मृत अवस्था में है तो भी आरटीपीसीआर की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। सामान्य तौर पर लक्षण दिखने के सातवें दिन के बाद बुखार या अन्य तकलीफ नहीं है तो व्यक्ति को दसवें दिन निगेटिव मान लिया जाता है और उसे 14 दिन अतिरिक्त क्वारंटीन रहना चाहिए। इस तरह कह सकते हैं कि 24 दिन में वायरस की चपेट में आने वाला निगेटिव हो जाता है। - डॉ. तूलिका चंद्रा, विभागाध्यक्ष ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, केजीएमयू
एंटीजन टेस्ट में जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है और किसी तरह के लक्षण हैं या पॉजिटिव आने का वक्त कम है तो उनकी दोबारा जांच कराई जा रही है। इसमें देखा जाएगा कि दोनों रिपोर्टों में कितना अंतर है। इसका भी मूल्यांकन होगा कि किस इलाके में ज्यादा अंतर आ रहा है। - डॉ. केपी त्रिपाठी, एसीएमओ