लखनऊ। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत चयनित बच्चों का निजी स्कूल प्री नर्सरी में प्रवेश नहीं ले रहे हैं। ऐसे बच्चों का चयन होने के बाद भी उन्हें वापस किया जा रहा है। इस बात की शिकायत शिक्षा विभाग में अभिभावकों ने की है।
अभिभावकों का कहना है कि जब विद्यालय में संपर्क किया गया तो कहा जा रहा है कि कक्षा एक में ही प्रवेश का नियम है। छह साल से कम उम्र के बच्चों का प्रवेश प्री नर्सरी में नहीं दे सकते हैं। शिक्षा विभाग में इस तरह की एक दर्जन से अधिक शिकायतें आई हैं। हालांकिए विभाग अभी इस प्रयास में है कि बच्चों को प्रवेश मिल जाए। यदि स्कूल प्रवेश से इन्कार करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
3131 बच्चों को प्रवेश दिलाना चुनौती
अभी 3131 बच्चों का प्रवेश होना बाकी है। बीएसए राम प्रवेश ने कहा कि अभिभावक निराश न हों, उनके बच्चों का प्रवेश कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्लाक स्तर पर बीईओ की ओर से भी स्कूलों से संपर्क किया जा रहा है।
प्रवेश में देरी पर अभिभावकों में चिंता
अभिभावकों को चिंता इस बात की सता रही है कि कहीं उनके बच्चे का प्रवेश न हुआ तो क्या करेंगे? राजाजीपुरम निवासी अभिभावक सुरेंद्र पाल ने बताया कि उनके बच्चे का चयन दूसरी लॉटरी में हुआ था। अभी तक प्रवेश नहीं हो पाया है। अलीगंज निवासी सुमित्रा देवी ने बताया कि उनकी बेटी का चयन अलीगंज स्थित एक निजी स्कूल के लिए हुआ था लेकिन प्रवेश नहीं लिया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने जो कानून बनाया है, उसके मुताबिक कक्षा एक से प्रवेश लेना है। आरटीई एक्ट में प्री नर्सरी की बात ही नहीं है। फिर भी राज्य सरकार प्रवेश के लिए कहती है तो जितना संभव हो पाता है, उतना प्रवेश लिया जाता है।
- अनिल अग्रवाल, अध्यक्ष, अनएडेड स्कूल एसोसिएशन