निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत इस वर्ष प्रदेश में प्रवेश प्रक्रिया ने पिछले चार वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग की सख्ती और नियमित समीक्षा के चलते सत्र 2026-27 में अब तक 1.43 लाख से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का निजी स्कूलों में प्रवेश कराया जा चुका है। कुल 1.95 लाख आवंटित सीटों के सापेक्ष यह संख्या उल्लेखनीय है और पिछले वर्ष के 1.40 लाख प्रवेश से अधिक है।