लखनऊ। निशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत दाखिले की सूची बृहस्पतिवार को जारी कर दी गई, लेकिन स्कूलों में बच्चों को प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया छह मई को मतदान के बाद ही शुरू होगी। वहीं सूची जारी होने के बाद काफी संख्या में अभिभावक विभाग का चक्कर काटते रहे। कई अभिभावकों का आवेदन रिजेक्ट होने पर उन्हें मायूस लौटना पड़ा।
एनआईसी द्वारा आरटीई के दाखिले की सूची ऑनलाइन जारी कर दी गई। सूची में करीब 19,600 अभिभावकों व उनके बच्चों का नाम है। सूची जारी होने के बाद ही काफी संख्या में अभिभावक दाखिले के लिए विभाग और स्कूल का चक्कर भी काटने लगे। हालांकि स्कूलों ने उन्हें वापस लौटा दिया। विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि 6 मई को होने वाले चुनाव के बाद ही बच्चों को दाखिला दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चुनाव व्यवस्था के चलते प्रक्रिया अभी शुरू नहीं की जा सकती। वहीं करीब तीन हजार से ज्यादा अभिभावकों के नाम रिजेक्ट की सूची में है। इन अभिभावकों के बच्चों को एक भी स्कूल आवंटित नहीं हुए। ऐसे अभिभावक विभाग में अपने बच्चों को स्कूल आवंटित करने के लिए चक्कर काटते रहे। इस बार आरटीई के तहत दाखिले के लिए आवेदन करने का एक ही अवसर दिया गया है।
पहले सूची होगी अनुमोदित
एनआईसी ने ऑनलाइन सूची तो जारी कर दी लेकिन ऑनलाइन सूची को पहले जिलाधिकारी से अनुमोदन कराना होगा। अनुमोदन के पश्चात बेसिक शिक्षा विभाग से स्कूलों को दाखिले के लिए आदेश निर्गत किए जाएंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमर कांत सिंह ने बताया कि छह मई को होने वाले मतदान के बाद ही स्कूलों को दाखिले के लिए आदेश दिए जाएंगे।