लखनऊ। शिक्षा का अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत प्रवेश न लेने 40 बड़े स्कूल प्रबंधकों ने बीएसए के नोटिस का तीन दिन बाद भी जवाब नहीं दिया है। वहीं, जिन स्कूल प्रबंधकों ने जवाब दिया है वह भी संतुष्टजनक नहीं है।
इस संबंध में जिलाधिकारी विशाख जी को भी सूचना भेजी गई है। उन्होंने मनमानी करने वाले सभी निजी स्कूल प्रबंधकों व प्रिंसिपलों की मंगलवार को बैठक बुलाई है।
बीएसए राम प्रवेश ने बताया कि सीएमएस, एलपीएस, जयपुरिया की सभी शाखओं सहित 80 निजी स्कूलों ने आरटीई के तहत बच्चों को निशुल्क प्रवेश नहीं दिया है। इनके प्रबंधकों और प्रिंसिपलों से इसका लिखित कारण मांगा गया था। इनमें से कई स्कूलों ने जो जवाब भेजे हैं, वह मनमानी रवैया वाले हैं।
ऐसे में अब जिलाधिकारी के सामने पूरे प्रकरण को रखा गया है। मंगलवार को सभी प्रिंसिपलों और प्रबंधकों को बैठक में बुलाया गया है। ऐेसे में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
आरटीई के तहत चारों चरणों में इस बार 18 हजार बच्चों का लॉटरी से चयन किया गया था। इनमें से 12 हजार को ही प्रवेश मिला है। 3000 अभिभावकों ने मनचाहा स्कूल न मिलने से प्रवेश से किनारा कर लिया है। तीन हजार अन्य बच्चों को प्रवेश दिलाने की कवायद जारी है, लेकिन बड़े स्कूल प्रबंधक प्रवेश लेने से इनकार कर रहे हैं।