गोरखपुर और फूलपुर के बाद कैराना और नूरपुर उपचुनाव के नतीजों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चिंता बढ़ गई है। संघ के शीर्ष नेतृत्व को इन नतीजों में आगे बड़ी अनहोनी की आशंका छिपी दिखाई दे रही है। इसलिए उसने इन नतीजों की तह तक जाने का फैसला किया है।
संघ जल्द ही भाजपा नेताओं को बैठाकर बातचीत करेगा। बताया जाता है कि यह बातचीत अगले सप्ताह होगी। इसमें संघ के राष्ट्रीय नेतृत्व से भी कोई एक पदाधिकारी मौजूद रहेगा। इसके अलावा दोनों क्षेत्रों के प्रचारक व अन्य प्रमुख लोग शामिल होंगे।
दरसअल उत्तर प्रदेश में इस वर्ष उपचुनावों में मिली चार पराजय के जुड़ने से संघ को खतरे की घंटी नजर आ रही है। संघ के सूत्रों के अनुसार कहीं न कहीं कुछ ऐसी वजह जरूर है जिससे जीत का सिलसिला थमा है। इसलिए उसने नतीजों की गहराई से पड़ताल करने का फैसला किया है।
इस पड़ताल के बाद भाजपा और संघ के कुछ लोगों पर गाज गिर सकती है। उनका कार्यक्षेत्र बदला जा सकता है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जो इन उपचुनाव से सीधे जुड़े रहे हैं या संघ और भाजपा के प्रदेश संगठन और स्थानीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।