राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में छोटों के साथ ही बड़े पदाधिकारियों के भी पेंच कसना शुरू हो गए हैं। तय किया गया है कि संगठन के बड़े पदाधिकारियों को भी शाखाओं की सक्रियता की जिम्मेदारी लेनी होगी।
सिर्फ निर्देश व सुझाव देने से काम नहीं चलेगा। अब काम में हाथ भी बंटाना होगा। साथ ही काम का पूरा ब्यौरा रखना होगा। संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों की शुक्रवार को हुई बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा हुई।
चार दिनों से संघ शाखाओं की घटती संख्या, कम होती सक्रियता और निरंतर गिरती गुणवत्ता जैसी चुनौतियों से निपटने को मंथन में जुटे सरकार्यवाह सुरेश जोशी भैया जी ने जिला टोली की रिपोर्ट के आधार पर प्रांतीय पदाधिकारियों से जानकारी ली।
कुछ ने तो जानकारी दे दी लेकिन ज्यादातर पदाधिकारी कई सवालों पर अटक गए। कुछ ने बताया पर काफी हिचक के साथ। इसे देखते हुए सरकार्यवाह ने बड़े पदाधिकारियों को भी शाखाओं में जिम्मेदारी निभाने को कहा।