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यूपी चुनाव के अंतिम चरणों में संघ ने संभाली कमान, ये है प्लान

Thu, 02 Mar 2017 03:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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पांचवें चरण में कम मतदान ने भाजपा ही नहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भी चिंता में डाल दिया है। लिहाजा संघ ने अगले दो चरण के मतदान के लिए नए सिरे से रणनीति बनाई है। इसके तहत संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल वाराणसी पहुंच रहे हैं। वे वहां मतदान तक रुकेंगे।
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उधर, संघ की तरफ से चुनाव के समन्वय का काम देख रहे इंद्रेश कुमार पहले से ही वाराणसी में थे, लेकिन सोमवार को वे दिल्ली लौट गए थे। अब वे फिर डॉ. कृष्णगोपाल के साथ वाराणसी आ रहे हैं।

दरअसल, संघ परिवार की सबसे बड़ी चिंता काशी की साख है। भगवा टोली के रणनीतिकारों को लगता है कि विधानसभा चुनाव के अंतिम दो चरण की जंग जिस जमीन पर है वहां उनके लिए काफी संभावनाएं हैं। इसीलिए अंतिम दो चरण में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।
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रणनीतिकारों का मानना है कि इस इलाके में थोड़ी अधिक मेहनत कर दी जाए तो अच्छी बढ़त मिल सकती है। इस आधार पर संघ और भाजपा ने चुनावी रणनीति तैयार करके उस पर काम भी शुरू कर दिया है।

अब ये है संघ की योजना

संघ परिवार की ओर से समन्वय का काम देख रहे इंद्रेश कुमार ने बीते दिनों वाराणसी में हुई बैठक में मतदान प्रतिशत गिरने पर चिंता जताई थी। इस बैठक में काशी और गोरखपुर क्षेत्र के लोग शामिल हुए थे।

इसमें इंद्रेश ने सभी से आग्रह किया था कि बूथ समितियों के कार्यकर्ताओं से लगातार बात की जाए और उनसे एक-एक मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुंचाने को कहा जाए। इस सिलसिले में गुरुवार को भी तीन बैठकें बुलाई गई हैं। इसमें वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, आजमगढ़, बलिया व मऊ के लोगों को भी बुलाया गया है।

सहयोगी संगठनों को भी जुटाएंगे
ज्यादा से ज्यादा मतदान के लिए आरएसएस के सहयोगी संगठनों को भी जुटाने की रणनीति बनी है। इसके लिए विहिप, बजरंगदल, मजदूर सभा समेत अन्य सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों की भी बैठक गुरुवार को ही बुलाई गई है।

बैठक में अपने-अपने लोगों के बीच पकड़ रखने वाले ऐसे लोगों को बुलाया गया है जिनके सहारे सामाजिक समीकरणों को दुरुस्त किया जा सके।
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इसलिए चिंतित है संघ

संघ की काशी की चिंता के पीछे पीएम मोदी का इस सीट से सांसद होना है। इस कारण न सिर्फ काशी, बल्कि आसपास की सीटों पर भी भाजपा का कमल खिलाना पूरे संघ परिवार की साख का सवाल बन गया है।

खासतौर से जिस तरह वाराणसी में टिकट वितरण को लेकर खींचतान की स्थिति बनी, उसके चलते संघ के लिए यहां बेहतर प्रदर्शन चुनौती बना है।

दरअसल, सात बार से विधायक श्यामदेव राय चौधरी का टिकट कटने और कैंट से चुनाव लड़ रहे सौरभ श्रीवास्तव को लेकर पार्टी को भितरघात की आशंका है।

इसी तरह टिकट न मिलने पर सुजीत टीका ने भी शहर उत्तरी से ताल ठोक दी है। इससे रविन्द्र जायसवाल की मुश्किलें बढ़ी हैं।
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