राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का तीन तलाक पर कहना है कि किसी के साथ भी जेंडर के नाम पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। वहीं, संघ ने धर्मशास्त्रों में लिखी ऐसे बातों का पूरी शक्ति से विरोध करने का फैसला किया है जो समय के साथ अप्रासंगिक हो गई हैं। साथ ही, वह मंदिर, पानी व श्मसान के उपयोग में भेदभाव के खिलाफ भी मुहिम छेड़ेगा। संघ का यह रुख बड़े बदलाव का संकेत है।
संघ के प्रांत संघ चालक प्रभु नारायण व सह प्रांत कार्यवाह नरेंद्र शुक्रवार को विश्व संवाद केंद्र में भाग्यनगर, तेलगांना में कार्यकारी मंडल में लिए गए निर्णयों की जानकारी दे रहे थे।
प्रभु नारायण ने कहा कि संघ का मानना है कि धर्म के आधार पर विभेद समाप्त होना चाहिए, लेकिन धर्मशास्त्रों में कुछ ऐसी चीजें लिखी हुई हैं जो समय के साथ अप्रासंगिक हो गई हैं। पर, धर्म का जामा पहनाकर अभी भी उनका सहारा लिया जा रहा है। छुआछूत भी इसी तरह का है।
उन्होंने कहा कि संघ धर्मशास्त्रों में लिखीं इन बातों को अस्वीकार करने के लिए लोगों को तैयार करेगा। संघ मानता है कि सामाजिक समरसता की शुरुआत घर से होनी चाहिए। स्वयंसेवकों से कहा जा रहा है कि उन लोगों से मेलजोल बढ़ाएं जो दैनिक जीवन में शामिल हैं। मसलन, कपड़ा धोने वाले, घर में काम करने वाले, दूध देने वाले आदि।
राजनीति व चुनाव से बनाए रखी दूरी, नहीं दिया बयान
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स्वयंसेवकों से कहा जा रहा है कि वे उनके यहां आएं-जाएं, सुख-दु:ख में शरीक हों और अपने यहां आमंत्रित भी करें। इस मौके पर संघ पदाधिकारियों ने सूबे की राजनीति व चुनाव पर कोई टिप्पणी नहीं की। इस दौरान सह प्रांत प्रचार प्रमुख दिवाकर भी उपस्थित रहे।
‘पानी, पूजा और श्मसान’ में भेदभाव पर मुहिम छेड़ेंगे
संघ ने ‘पानी पूजा और श्मशान’ में किसी तरह के भेदभाव के खिलाफ बड़ी मुहिम चलाने का फैसला किया है। नरेंद्र ने बताया कि अवध प्रांत में हम इन भेदभावों को लेकर सर्वे कराने जा रहे हैं। इसके बाद लोगों को जागरूक किया जाएगा।
माना जा रहा है कि संघ ने दलितों में पैठ बढ़ाने के लिए यह रणनीति बनाई है, क्योंकि इसका सबसे ज्यादा शिकार वे ही होते आए हैं।
संघ के अवध प्रांत संघ चालक प्रभु नारायण ने बताया कि संघ की दृष्टि से मध्य भारत के प्रांतों के 9000 गांवों में किए गए सर्वे में पता चला कि 40 प्रतिशत गांवों में मंदिर, 30 प्रतिशत में पानी व 35 प्रतिशत गांवों में श्मशान को लेकर भेदभाव होता है।
राम मंदिर निर्माण : संघ ने आंदोलन नहीं चलाया, समर्थन दिया
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प्रभु नारायण ने बताया कि संघ ने राम मंदिर को लेकर पहले भी कोई आंदोलन नहीं चलाया है। संतों ने, मार्गदर्शक मंडल ने और जनता ने इसके लिए समय-समय पर आंदोलन चलाया, संघ ने समर्थन किया। ये आगे कोई आंदोलन चलाएंगे तो संघ पूरा सहयोग करेगा।
तीन तलाक : जेंडर के नाम पर भेदभाव उचित नहीं
प्रभु नारायण ने बताया कि केंद्रीय कार्यकारी मंडल में इस विषय पर चर्चा हुई है। संघ का स्पष्ट मत है कि जेंडर के नाम पर किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। मुस्लिम बहनों के साथ भी न्याय होना चाहिए।
दलितों से भेदभाव रोकना होगा
प्रभु नारायण ने कहा कि यह सच्चाई है कि समाज में अभी तक विषमता, भेद व संकुचित स्वार्थ की प्रवृत्तियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। कुछ कट्टरपंथी, अतिवादी, विभेदकारी व स्वार्थी शक्तियां इसका लाभ लेकर समाज में द्वेष निर्माण की कोशिश कर रही हैं। इसे रोकना होगा।