राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के केंद्रीय कार्यकारी मंडल की 17 से 19 अक्तूबर तक होने वाली बैठकों के लिए एजेंडा तय करने का काम मंगलवार को शुरू हो गया।
संघ के सर संघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह सुरेश जोशी भैया जी, सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी, दत्तात्रेय होसबोले और डॉ. कृष्ण गोपाल के साथ चर्चा में कुछ देर के लिए प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य भी शामिल हुए।
सूत्रों का कहना है कि निरालानगर स्थित सरस्वती कुंज में कार्यकारी मंडल की बैठक के पहले संघ के शीर्ष नेतृत्व ने देश-दुनिया व यूपी के विशेष संदर्भ में विस्तार से चर्चा शुरू की।
इसमें सामाजिक, राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्दे भी शामिल हुए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पनप रहा आतंकवाद, क्रूर आतंकी संगठन आईएस की ताजा धमकी, सीमाओं पर घुसपैठ व देश के अंदर अलग-अलग प्रांतों में अलगावाद की घटनाएं चर्चा के मुख्य विषय रहे।
शीर्ष पदाधिकारियों के साथ शामिल होंगे जनसंगठन
जातिवादी शक्तियों द्वारा हिंदुओं को विखंडित करने की साजिश पर चर्चा के दौरान इसका जवाब देने और हिंदू समाज की एकजुटता के लिए नए सिरे से रणनीति बनाने की जरूरत समझी गई। संघ नेतृत्व शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में मिशनरियों की बढ़ते हस्तक्षेप और सेवा की आंड़ मे धर्मांतरण की साजिशों के खिलाफ रणनीति व कार्ययोजना को एजेंडे के बिंदु में शामिल करने पर गंभीर दिखा।
चर्चा है कि लोक सभा चुनाव में भाजपा की भारी जीत पर संघ के नीति निर्धारकों ने संतोष व्यक्त किया तो देश भर में हुए उपचुनाव में भाजपा को लगे झटके के मद्देनजर संगठन के मजबूती और विस्तार पर चर्चा की।
जानकारी के अनुसार संघ के शीर्ष पदाधिकारियों ने आपसी विचार-विमर्श के बीच जो प्रमुख बिंदु तय किए हैं उस पर विस्तार से चर्चा बुधवार को कोर कमेटी की बैठक में होगी।
कोर कमेटी की बैठक में संघ के इन शीर्ष पदाधिकारियों के साथ छह जन संगठनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भाजपा, मजदूर संघ, किसान संघ, विहिप व विद्याभारती के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन शामिल होंगे। ये पदाधिकारी बुधवार सुबह तक पहुंच जाएंगे। कोर कमेटी में लगभग 50 लोगों के शामिल होेने की संभावना हैं।