लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी सक्रिय हो रहा है।
संघ ने भाजपा के हर कदम पर नजर रखने का फैसला किया है। इसके लिए संघ के कामकाज से सीधे जुड़े लोगों को या विद्यार्थी परिषद के तेजतर्रार कार्यकर्ताओं को जगह-जगह तैनात करने की योजना बनाई है।
शुरुआत भाजपा के प्रदेश प्रभारी अमित शाह के साथ विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सुनील बंसल की तैनाती से की गई है।
जल्द ही कुछ अन्य चेहरे भी प्रदेश में सक्रिय दिखेंगे। दूसरे कुछ राज्यों में इस तरह की तैनाती होने के भी संकेत मिले हैं।
बंसल के अलावा विद्यार्थी परिषद के महामंत्री रहे विष्णु दत्त शर्मा को छत्तीसगढ़ में लगाया गया है। बिहार, झारखंड, दिल्ली सहित अन्य कुछ राज्यों में भी जल्द ही नाम तय होने के संकेत हैं।
संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने पिछले दिनों सूबे में कुछ स्थानों पर प्रवास के दौरान जो स्थिति देखी, उसके बाद ही यह संकेत मिलने शुरू हो गए थे कि संघ कुछ नई व्यवस्थाएं करेगा।
सुनील बंसल के साथ इसकी शुरुआत संघ ने कर दी है। इसकी अधिकृत घोषणा 17 से 19 जनवरी तक दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति और राष्ट्रीय परिषद की बैठक में किया जाएगा।
इसलिए हुआ यह फैसला
मोदी के पटेल प्रतिमा निर्माण को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए 15 दिसंबर को ‘रन फॉर यूनिटी’ में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव लखनऊ में थे।
लखनऊ में उन्होंने जो कुछ देखा उसके साथ ही उत्तर प्रदेश के बारे में फीडबैक जुटाया। उधर, मोदी की टीम ने दौड़ का फीडबैक दिया।
इसके बाद सह सरकार्यवाह के अनुभवों ने संघ को इस निष्कर्ष पर पहुंचा दिया कि उत्तर प्रदेश में सिर्फ भाजपाइयों के भरोसे रहकर चुनावी नैया पार लगने का ख्वाब देखना खतरनाक साबित हो सकता है।