दोनों संगठनों का पूरा ध्यान अब इस बात पर है कि कुछ भी ऐसा न होने पाए जिससे मुस्लिम समाज के दिल में कोई आशंका न जन्म ले। इसीलिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने के तुरंत बात यह साफ कर दिया कि काशी और मथुरा का मुद्दा उनके एजेंडे में नहीं है।
विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा कहते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद अब शौर्य व विजय दिवस मनाने का कोई औचित्य नहीं है। न्यायालय के फैसले से अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अब मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू होनी है जिसकी हम सभी को धैर्य के साथ प्रतीक्षा करनी है। हिंदू समाज की एक इच्छा पूरी हुई अब भव्य राम मंदिर निर्माण की भी पूरी होगी।