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Lucknow News: एमबीबीएस में प्रवेश के नाम पर 1.26 करोड़ रुपये हड़पे

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लखनऊ। एमबीबीएस में दाखिले का झांसा देकर जालसाजों ने चार लोगों से 1.26 करोड़ रुपये हड़प लिए। इसके लिए गोमतीनगर के विजयंत खंड में कंसल्टेंसी खोली था। रकम हड़पने के बाद ठग दफ्तर बंदकर भाग निकले। इंदिरानगर के संतपुरम निवासी विजय बहादुर ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है।
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इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव के मुताबिक मूलरूप से आजमगढ़ के मोहम्मदपुर, बलईपुर निवासी विजय बहादुर के मुताबिक जून में उन्होंने भांजे के प्रवेश के लिए गूगल पर सर्च किया। इस दौरान वेबसाइट http://studypathwayconsultancy में एमबीबीएस दाखिले से संबंधित बातें लिखी थीं। बेबसाइट पर मोबाइल नंबर और infostudypathwayconsultancy.com ई-मेल आईडी प्रदर्शित हो रही थी। इनका इंस्टाग्राम पर studypathwayconsult नाम का पेज भी था, जिसमें प्रवेश से जुड़े पोस्ट थे।

विजय और उनके भांजे ने दिए नंबर पर बात की तो ठग ने बताया कि उनकी कंपनी स्टडी पाथवे हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की एडमिशन कंसल्टेंसी है। वे सफेदाबाद, बाराबंकी और सीतापुर में प्रवेश कराते हैं। विजयंत खंड स्थित दफ्तर से प्रवेश की प्रकिया करते हैं।
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ठगों ने जुलाई में विजय को ऑफिस बुलाया। दफ्तर में आठ-10 लोग काम कर रहे थे। यहां विजय की मुलाकात अभिनव शर्मा व संतोष कुमार से हुई। दोनों ने खुद को हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में एडमिशन विभाग का हेड बताया।

ठगों ने कहा कि प्रवेश में 55 लाख रुपये लगेंगे। इसमें एक वर्ष की फीस व ब्रोक्रेज चार्ज शामिल है। विजय ने हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के नाम पर 15 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट सौंप दिया। ठगों ने बाकी रकम नकद जमा करने के लिए कहा। झांसे में आए विजय ने दो अक्तूबर को 30 लाख रुपये कैश दे दिए। ठगों ने बाकी 10 लाख रुपये प्रवेश के बाद देने की बात कही गई।

पीड़ित के मुताबिक 29 अक्तूबर को परिणाम आना था। 28 को उन्होंने बात की तो ठगों ने कहा कि रिजल्ट स्थगित हो गया है, परिणाम बाद में आएगा।



इंस्टीट्यूट के नाम का किया दुरुपयोग

पीड़ित ने अगले दिन ठगों को कॉल किया तो संपर्क नहीं हो सका। मोबाइल फोन बंद जाने पर वे ठगों के दफ्तर पहुंचे, जहां ताला मिला। हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज जाने पर पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। ठगों ने इंस्टीट्यूट के नाम का दुरुपयोग किया है।



तीन अन्य पीड़ित मिले दफ्तर के बाहर

विजय के मुताबिक ठगों के दफ्तर के बाहर उनकी इंदौर के राजेश वर्मा से मुलाकात हुई। पूछताछ पर पता चला कि उन्होंने बेटी के प्रवेश के लिए ठगों को 20 लाख रुपये दिए थे। फतेहपुर निवासी दीप सिंह ने बताया कि उन्होंने बेटे के दाखिले के लिए 38 लाख और सुशांत गोल्फ सिटी निवासी प्रीति सिंह बेटी के प्रवेश के लिए 23 लाख रुपये दिए हैं। छानबीन में पता चला कि ठगों ने कोटेक महिंद्रा बैंक में डीडी की रकम ट्रांसफर की थी।
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