आरपीएफ ने ऐसे टिकट दलाल को नाका चौराहे से गिरफ्तार किया, जो तत्काल टिकट बनाने वाले प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर रेड मैंगो और ब्लैक वोल्टी बेच रहा था। आरोपी की पहचान पारा स्थित हंसखेड़ा की आवास विकास कॉलोनी निवासी सत्यम के रूप में हुई। उसके पास से प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर भी बरामद हुए।
शुरुआती जांच में गिरोह के सॉफ्टवेयर की खरीद-फरोख्त के तार कोलकाता, मुंबई, मालेगांव से जुड़े बताए जा रहे हैं। बिहार निवासी सरगना समेत 18 शातिराें की तलाश की जा रही है। वहीं, जेल भेजने से पहले कोरोना जांच में आरोपी पॉजिटिव निकला। इसके बाद आरपीएफ टीम को होम क्वारंटीन कर दिया गया है।
इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच आरपीएफ अमित कुमार राय ने बताया कि 15 अगस्त की रात मोहिबुल्लापुर रेलवे पीआरएस से टिकट दलाल निखिल को गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर सत्यम दबोचा गया। लखनऊ से पहली बार प्रतिबंधित नए सॉफ्टवेयर से संबंधित दलाल को गिरफ्तार किया गया है।
इतने में बेचता था सॉफ्टवेयर
अमित राय ने बताया कि तीन तरह के सॉफ्टवेयर बेचे जा रहे थे। दो यात्रियों के तत्काल टिकट एक साथ बुक करने वाला सॉफ्टवेयर 3000 रुपये, तीन यात्रियों वाला 3500 रुपये और चार का 4000 रुपये प्रति माह लिया जाता था।