लखनऊ। इकाना स्टेडियम में लखनऊ आर्किटेक्ट फेस्टिवल के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि रोजगार और व्यवसाय के अवसर उपलब्ध कराने में आर्किटेक्ट्स की भूमिका अहम है। सरकार एमएसएमई के जरिये युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर दे रही है। निर्माण क्षेत्र में एमएसएमई इकाइयों की स्थापना में सब्सिडी व अन्य सुविधाएं भी दे रही है। कहा कि भवन निर्माण क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों, निर्माण क्षेत्र में काम व इसमें रुचि रखने वालों के लिए यह महोत्सव फायदेमंद साबित होगा।
शनिवार को महोत्सव के दूसरे दिन संस्थानों के कैंपस प्लानिंग विषय पर आर्किटेक्ट संजय कंविंडे और अमित सिंह ने बेहतर योजना और डिजाइन की आवश्यकता पर जोर दिया। विशाल मित्तल, देवेश मणि त्रिपाठी और भारतीय प्लंबिंग एसोसिएशन के राजेश सिंह ने गगनचुंबी इमारतों में आग से बचाव व फायर ड्रिल की जरूरत बताई। उद्योग और आर्किटेक्ट्स के बीच समन्वय विषय पर हुई परिचर्चा में प्रगत द्विवेदी ने कहा कि समन्वय से निर्माण क्षेत्र में गुणवत्ता में काफी सुधार हो सकता है। प्रदेश में पर्यटन व हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में उद्योगों के बढ़ते अवसर पर चर्चा के साथ सत्र का समापन हुआ।
लखनऊ आर्किटेक्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रशांत पाल सिंह ने बताया कि इस तीन दिवसीय महोत्सव के निष्कर्षों पर डोजियर तैयार किया जाएगा, जिसे संरक्षक डॉ. वंदना सहगल के माध्यम से शासन को सौंपकर सिफारिशें लागू करने का सुझाव दिया जाएगा। देर शाम गाला डिनर में पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सिंह सेंगर मौजूद रहे। बिल्ड एक्सपो में 80 से ज्यादा कंपनियों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई।
प्रमुख स्टॉल रहे आकर्षण के केंद्र
स्टाॅल में 3.5 लाख रुपये की कीमत का पैकेज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट आकर्षण का केंद्र रहा। इसे बनाने वाली जापानी कंपनी के मैनेजर सुनील सहगल ने बताया कि फैक्टरी हरियाणा में है। यह घर के गंदे पानी को ही रिसाइकल करता है। पूरे देश में ऐसे 1000 प्लांट लगे हैं।
स्टाॅल में यूरोपियन स्टाइल का किचन भी प्रमुख आकर्षण रहा। लखनऊ की ही रहने वाली कंपनी की डिजाइनर काव्याश्री ने बताया कि कंपनी बंगलुरू है, जो यूरोप से कच्चा माल आयातकर हाई क्वालिटी का माड्यूलर किचन बनाती है। कीमत तीन लाख से शुरू होती है।
लखनऊ के ही वूडेन वाल आर्ट व वूडेन वाश बेसिन ने भी लोगों को आकर्षित किया। कंपनी के संचालक लखनऊ के अमिताभ जौहरी ने बताया कि अपॉक्सी केमिकल, सागौन व शीशम की लकड़ी से फर्नीचर तैयार किए जाते हैं। कीमत 35 हजार से एक लाख रुपये तक है।
11सीटीके02 : किला रोड बाजार के सामने बने सार्वजनिक शौचालय के बाहर लगी महिलाओं की लाइन।
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