ताक पर रेरा का प्रतिबंध, रोहतास बिल्डर मांग रहा आवंटियों से पैसा, मुख्यमंत्री से शिकायत
रोहतास समूह के प्रोजेक्टों में आवंटियों से पैसा जमा कराए जाने पर रोक के बाद भी बिल्डर ने इसकी वसूली शुरू कर दी है।
रेरा में अब आवंटियों के संगठन रोहतास बायर्स एसोसिएशन ने शिकायत की है कि बिल्डर नई दरों पर सुल्तानपुर रोड योजना में भूखंड बेचने की तैयारी में है।
वहीं विकास के नाम पर पैसा जमा करने के लिए पुराने आवंटियों के पास भी बिल्डर के लोग फोन कर रहे हैं।
एसोसिएशन के अध्यक्ष धीरेंद्र वर्मा और उपाध्यक्ष अभिषेक तिवारी ने बताया कि रेरा में चेयरमैन राजीव कुमार से मिलने के लिए लिए समय मांगा है।
वहीं तकनीकी सलाहकार सुबोध राय को शिकायत की कॉपी देकर मामले से अवगत कराया गया है। हमने उन्हें बताया कि गैंगस्टर लगने के बाद भी निदेशक पीयूष रस्तोगी और परेश रस्तोगी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं।
वहीं उनके इशारे पर कंपनी के लोग सुल्तानपुर रोड योजना के नए ले-आउट को पास करा इसे नए सिरे से बेचने के प्रयास में हैं।
इसके लिए रेरा में नया पंजीकरण भी कराने की कोशिश बिल्डर कर रहा है। इस पूरे प्रकरण की जांच की मांग भी एसोसिएशन ने की है।
विकास के लिए दो 480 रुपये प्रति वर्गफीट
आवंटियों का कहना है कि बिल्डर के लोग फोन पर बता रहे हैं कि विकास के लिए 480 रुपये प्रति वर्गफीट देना ही होगा। यह रेरा के आदेश और एलडीए के नियमों की अनदेखी है। यह तब है जब रेरा ने एलडीए की निगरानी में प्रोजेक्ट पूरा कराने का आदेश दे रखा है।
निदेशकों को जेल नहीं हमें आशियाना चाहिए
वहीं मुख्यमंत्री से की गई शिकायत में आवंटी प्रमोद मातनहेलिया ने कहा है कि बिल्डर कंपनी के निदेशकों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। ऐसे में अगर इसका अनुपालन किया गया तो करीब छह महीने के लिए निदेशक जेल जाएंगे। ऐसे में नुकसान उन खरीदारों का होगा जिन्होंने पैसा देकर बिल्डर से भूखंड या फ्लैट खरीदे। अभी तक की जानकारी के मुताबिक जरूरत भर की जमीन बिल्डर के पास मौजूद है। इसका ले-आउट भी एलडीए स्वीकृत कर चुका है, जोकि बिल्डर द्वारा शुल्क जमा कर और कागजी औपचारिकता पूरी कर रिलीज कराना है। इसके बाद खरीदारों को कब्जा मिलना शुरू हो जाएगा। जेल भेजे जाने पर सभी प्रोजेक्ट लटक जाएंगे। हम आवंटियों को निदेशकों के जेल भेजे जाने से जरूरी अपने आशियाना पाना है। मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि निदेशकों के ऊपर से गैंगस्टर एक्ट की धारा हटाई जाए। उन्हें रेरा के मुताबिक काम करने दिया जाए।