लॉकडाउन के चलते दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर फंसे प्रदेश के हजारों लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें रात भर दौड़ती रहीं। शुक्रवार को सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा होने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर परिवहन मंत्री अशोक कटारिया व निगम के प्रबंध निदेशक राजशेखर समेत अन्य अफसरों ने विभिन्न जिलों में फंसे यात्रियों के लिए एक हजार बसों का इंतजाम किया।
परिवहन मंत्री ने शनिवार को दावा किया कि दिल्ली सरकार ने पहले लोगों को इनके गंतव्य तक पहुंचाने को कहा। जब लोग इसके लिए बस अड्डों तक पहुंच गए तो दिल्ली परिवहन निगम की बसों ने उन्हें लाकर यूपी बार्डर पर छोड़ दिया। मंत्री ने बताया कि इन लोगों को घरों तक पहुंचाने के लिए शुक्रवार रात में ही कुछ बसों को रवाना किया गया।
शनिवार सुबह से कानपुर, बलिया, वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, अयोध्या, बस्ती, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, गोंडा, इटावा, बहराइच, श्रावस्ती आदि जनपदों के लिए बसों का संचालन किया गिया। उन्होंने कहा कि जिलों से आ रही मांग के अनुरूप बसें संचालित की जा रही हैं। निगम के प्रबंध निदेशक राजशेखर के मुताबिक अधिक मांग पश्चिम यूपी के जिलों से आ रही हैं।
बस अड्डों पर मेडिकल टीमें तैनात
प्रदेश के विभिन्न बस अड्डों पर पहुंच रहे यात्रियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए व संदिग्ध संक्रमितों को चिकित्सीय सहायता देने के लिए राज्य सरकार ने सभी बस अड्डों पर मेडिकल टीमें तैनात किया है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बड़े बस अड्डों पर दो जबकि छोटे बस अड्डों पर एक मेडिकल टीम तैनात करने को कहा है।
जिलों में होगी स्क्रीनिंग
बड़ी संख्या में लोगों के लखनऊ पहुंचने पर डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी चारबाग बस स्टैंड पहुंचे और खाने-पीने की व्यवस्था कराई। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश से पैदल चलकर लोग लखनऊ पहुंचे हैं, जो खतरनाक है। सभी को संबंधित जिलों में भेजा जा रहा है। जिलों में इनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। जो स्वस्थ होगा, उसे निगरानी में घरों को भेजा जाएगा। जिसमें कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं, उन्हें जिलों में बने वार्डों में क्वारंटीन किया जाएगा।
गाजियाबाद डीएम के ट्वीट से स्थिति हुई बेकाबू
शनिवार को गाजियाबाद के डीएम ने ट्वीट किया कि लालकुआं से बसें जा रही हैं। भोजन सहित सभी तरह की व्यवस्था की गई है। उनके ट्वीट के बाद स्थिति और बेकाबू हो गई और देर रात तक गाजियाबाद में बड़ी संख्या में लोग आ गए। बाद में डीएम ने ट्वीट डिलीट कर दिया।