डीजल बेचने वाले चालकों और डिपो के कर्मचारियों को मुख्यालय में डटे भ्रष्ट लोगों का संरक्षण मिला है। पूर्व में डीजल चोरी में जिन चार चालकों को लखनऊ से ट्रांसफर कर दिया गया था, वे सभी साठगांठ कर दोबारा लखनऊ के डिपो में काबिज हो गए है। इसके साथ ही फिर से डीजल चोरी कर बेच रहे हैं।
मांगी जाएगी जिम्मेदारों से रिपोर्ट
परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक तकनीकी जयदीप वर्मा का कहना है कि डिपो के पंप से बसों को दिए जाने वाले डीजल के लेखा-जोखा की जिम्मेदारी आरएम, एसएम और एआरएम की होती है। इन्हें रोजाना डीजल के रजिस्टर की जांच कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी चाहिए, पर ऐसा नहीं हो रहा है। इस सिलसिले में रिपोर्ट मांगी जाएगी।