लखनऊ। ग्रीन कॉरिडोर की सफाई रोड स्वीपिंग मशीनों से होगी। इसका प्रस्ताव तैयार हो गया है। कंपनी रामकी शहर के जिन पांच जोनों में सफाई कर रही है, उन्हीं में ग्रीन कॉरिडोर का दूसरा फेज आता है। रामकी से नगर निगम के सफाई अनुबंध के देौरान ग्रीन कॉरिडोर नहीं बना था।
ऐसे में कॉरिडोर की सफाई के लिए कंपनी ने अलग से प्रस्ताव भेजा है, जिससे सफाई का खर्च भी बढ़ेगा। हालांकि, नगर निगम के पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान का कहना है कि ग्रीन कॉरिडोर का हर फेज किसी न किसी वार्ड के तहत आएगा। ऐसे में उसे वार्ड के अंतर्गत माना जाएगा।