लोकसभा चुनाव की आड़ में पीडब्ल्यूडी में सड़कों का गड्ढा भरने में करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है। देवरिया के प्रांतीय खंड में यह मामला सामने आने के बाद अन्य जिलों में भी इसी तरह की गड़बड़ियों की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में मुख्यालय ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और आरोपी इंजीनियरों को बड़ा दंड देने की तैयारी चल रही है।
बस्ती में कागजों में ही 300 से ज्यादा सड़कें बनाने की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि देवरिया में सड़कों का गड्ढे भरने में घपले का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि दोनों ही जिलों में पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड में ही यह गड़बड़ की गई।
देवरिया में लोकसभा चुनाव के दौरान जनवरी से मार्च के बीच इंजीनियरों ने इस घपले को अंजाम दिया। मनमानी का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि प्रांतीय खंड के एक्सईएन ने एक ठेकेदार को सारे नियम-कानून ताक पर रखकर गड्ढा भरने के लिए एक 1.10 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। जबकि, नियमानुसार, एक लाख रुपये से ज्यादा के काम टेंडर के माध्यम से ही कराए जा सकते हैं।
कुछ ग्रामीण मार्गों के गड्ढे भरने में मनमाने ढंग से 45 लाख रुपये का भुगतान दिखा दिया। इसके लिए सक्षम स्तर से अनुमति लेना भी मुनासिब नहीं समझा गया। इसी तरह की गड़बड़ी रुद्रपुर-कपरवार प्रमुख जिला मार्ग के गड्ढे भरने के नाम पर भी की गई।