लखनऊ। गोमती नदी के संरक्षण और लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर करने के उद्देश्य से कुड़ियाघाट पर दस दिवसीय रिवर योग अभियान शुरू किया गया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक यह अभियान चलेगा। इसका आयोजन गोमती टास्क फोर्स, 137 कम्पोजिट इकोलॉजिकल टास्क फोर्स बटालियन(प्रादेशिक सेना) 39 गोरखा राइफल्स, नगर निगम और बीबीएयू की ओर से किया गया है।
सेना की मध्य कमान के जनसंपर्क अधिकारी शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि यह पहल वर्ष 2025 के 60 दिवसीय रिवर योग अभियान की सफलता के बाद की गई है। अभियान का विषय स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग, स्वस्थ गोमती के लिए योग है। इसका लक्ष्य गोमती नदी के पुनर्जीवन, संरक्षण व प्रबंधन में जनभागीदारी बढ़ाना है। दैनिक योग सत्रों और जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से यह प्रयास किया जाएगा। बीबीएयू के पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष वेंकटेश दत्ता ने कहाकि नदियां पारिस्थितिक तंत्र हैं और उनका संरक्षण सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। रिवर योग नागरिकों को गोमती नदी के पुनर्जीवन में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित करती है। गोमती टास्क फोर्स के मेजर कंवरदीप सिंह नागी ने कहाकि रिवर योग लोगों और नदी के बीच संबंध को सशक्त बनाएगा। हम समाज को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा गोमती नदी के संरक्षण के लिए प्रेरित करना चाहते हैं। यह पहल स्थानीय समुदायों, विद्यार्थियों और पर्यावरण प्रेमियों को एक मंच पर लाती है। रिवर योग अब एक जन-आंदोलन बन गया है, जो मानव स्वास्थ्य और नदियों के स्वास्थ्य के बीच संबंध को दर्शाता है। यह भारतीय सेना की सामुदायिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
गोमती संरक्षण के लिए कुड़ियाघाट पर रिवर योग अभियान
गोमती संरक्षण के लिए कुड़ियाघाट पर रिवर योग अभियान
गोमती संरक्षण के लिए कुड़ियाघाट पर रिवर योग अभियान