गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में सीबीआई ने लगातार दूसरे दिन मंगलवार को छापे मारे। मेरठ में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के ससुराल में भी तलाशी ली गई। अब तक इस मामले में आरोपी बनाए गए सिंचाई विभाग के इंजीनियरों और फर्मों, कंपनियों और निजी लोगों के 49 ठिकानों की तलाशी हो चुकी है। जहां से अहम दस्तावेज, लैपटॉप व कम्प्यूटर से डिजिटल डाटा और नकदी सीबीआई के हाथ लगी है।
सीबीआई ने सैकड़ों करोड़ के इस घपले में सोमवार को सिंचाई विभाग के 16 इंजीनियरों व कर्मचारियों समेत ठेका लेने वालों के ठिकाने पर छापा मारने की कार्रवाई शुरू की थी। इन जगहों से मिले अहम सुबूतों से सीबीआई टीम काफी उत्साहित है। मंगलवार को भी यह सिलसिला जारी रखते हुए सीबीआई ने कुछ ठिकानों पर छापे मारे।
मेरठ में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की ससुराल में तलाशी ली गई है, जहां घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। बताते हैं कि आईएएस के रिश्तेदार की कंपनी ने रिवर फ्रंट के निर्माण में कार्य किया था। इस कंपनी का मुख्यालय मेरठ में है।
सीबीआई के हाथ जो सुबूत लगे हैं, उससे कई अन्य आईएएस अधिकारियों के रिश्तेदार भी सीबीआई के रडार पर आ गए हैं। सोमवार के छापों से मिले इनपुट के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। सीबीआई ने दो जुलाई को इस घोटाले के संबंध में मुकदमा दर्ज किया था।