रामनगरी सजाने में लापरवाही मिली तो सीधे जेल भेजूंगी। दीपोत्सव से पहले सारे काम पूरे हो जाने चाहिए। यह चेतावनी और डेडलाइन शुक्रवार को अयोध्या पहुंची प्रदेश की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने दी।
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मुख्यमंत्री की ओर से अयोध्या में पर्यटन विकास के तहत स्वीकृत 133 करोड़ के विकास कार्य शुरू न होने पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई। कहा कि पैसा मिलने के बाद भी काम शुरू न होना अक्षम्य है। अब मैं हर 15 दिन पर निरीक्षण करूंगी।
पर्यटन मंत्री ने शुक्रवार सुबह आठ बजे अयोध्या में 133 करोड़ की योजनाओं का निरीक्षण शुरू किया। अफसरों को उन्होंने अक्तूबर तक की डेडलाइन दी और कहा कि दीपोत्सव से पहले सभी काम पूरे हो जाएं।
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इस वर्ष रामनगरी में भव्य दीपोत्सव का आयोजन होगा, जिसे पूरा विश्व देखेगा। अयोध्या को उसकी गरिमा के अनुकूल संवारने में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिड़ला धर्मशाला के सामने बने पुराने बस स्टाप का निरीक्षण करने के बाद रामपैड़ी में गंदगी देख वह भड़क गईं।
उन्होंने पैड़ी व सरयू घाट के आसपास के मंदिरों को एक रंग में रंगने के निर्देश दिए। डीएम को निर्देशित किया कि रोज पैड़ी की सफाई सुनिश्चित कराएं। इस मौके पर पर्यटन सचिव अवनीश अवस्थी और सांसद लल्लू सिंह सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
राममंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय मान्य : रीता
पर्यटन मंत्री ने कहा कि राममंदिर का मसला सुप्रीम कोर्ट में है, अब सुनवाई भी शुरू हो चुकी है। अदालत के बाहर भी इसको लेकर तमाम चर्चाएं होती रहीं हैं। लेकिन इनका कोई औचित्य नहीं है। सभी पक्ष कह चुके हैं कि सुप्रीम कोर्ट का जो निर्णय आएगा वह मान्य होगा।