लखनऊ लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रीता बहुगुणा जोशी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा प्रत्याशी राजनाथ सिंह पर करारा हमला किया है।
उन्होंने राजनाथ को झूठे वादे करने वाला बताते हुए कहा कि ये एक बार जहां से जीतते या हारते हैं, वहां दोबारा लौटकर नहीं जाते।
चंदौली से लेकर महोना और हैदरगढ़ से लेकर गाजियाबाद तक इनका यही रिकॉर्ड रहा है।
क्यों नहीं बदली लखनऊ की सूरत
राजनाथ के लखनऊ के विकास के वादे को लेकर रीता ने कहा कि यहां पिछले 25 वर्षों से भाजपा सांसद, मेयर और विधायक रहा।
उसके बाद भी इस शहर में सड़क, पेयजल व सीवर की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। राजनाथ खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री रह चुके हैं।
उसके बाद भी उन्होंने कितना विकास किया, यह किसी से छुपा नहीं है।
उन्होंने कहा कि गुजरात के नरसंहार को महज एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार देने वाले राजनाथ अब मुसलमानों से सहयोग मांग रहे हैं।
भाजयुमो के पूर्व अध्यक्ष भाजपा में लौटे
भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रामाशीष राय बुधवार को भाजपा में वापस आ गए।
विधानसभा चुनाव के समय बाबूसिंह कुशवाहा को पार्टी में लेने का विरोध करने पर राय को भाजपा से निकाल दिया गया था।
राय के साथ सिंघासन प्रसाद गुप्त, प्रमोद शाही, अनिरुद्ध शुक्ल, रमेश सिंह, जयप्रकाश नारायण राय, अभय राय, अवनेन्द्र राय, अजय राय और मानक राय ने भी भाजपा की सदस्यता ली।
दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं पंकज अवस्थी और अमरीश लाल वर्मा ने भी भाजपा की सदस्यता ली।
अमित शाह पर हमला बोल छोड़ा पद
राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के लखनऊ पहुंचने के बाद भी भाजपा में टिकट वितरण का विवाद थम नहीं पाया है।
भाजपा मछुवारा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक लौटन राम निषाद ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी अमित शाह पर टिकट वितरण में निषाद, बिंद, मल्लाह व केवट जैसी अति पिछड़ी जातियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।
उन्होंने कहा कि वह अब सामान्य भाजपा कार्यकर्ता के रूप में कार्य करेंगे।