संयुक्त जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू र्वाउ में निमोनिया से ग्रसित बच्चे को देखते चिकित्सक।
श्रावस्ती। तराई में ठंड बढ़ने के साथ ही निमोनिया के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। ओपीडी में आठ वर्ष तक के बच्चे निमोनिया से ग्रसित होकर आ रहे हैं। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में शुक्रवार को इलाज कराने आए आठ मरीजों में निमोनिया के लक्षण मिले। जबकि एसएनसीयू में निमोनिया ग्रसित तीन बच्चे पहले से ही भर्ती हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में शुक्रवार को बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष में एक बजे तक 65 मरीज इलाज कराने पहुंचे। जिनमें से आठ मरीजों में निमोनिया के लक्षण दिखे। एसएनसीयू प्रभारी डॉ. ध्रुव मिश्रा ने बताया कि मौसम के उतार-चढ़ाव में अक्सर बच्चे निमोनिया से ग्रसित हो जाते हैं। वहीं संस्थागत प्रसव न होने से शिशुओं को निमोनिया का टीका भी नहीं लग पाता है।
उन्होंने सलाह दी कि शिशुओं को ठंड से बचाएं। छह माह तक मां का दूध ही पिलाएं। वहीं छह माह बाद बच्चों को ऊपरी आहार दें। सीने में जकड़न, सांस लेने में तकलीफ व तेज सांस लेने पर चिकित्सक से संपर्क करें। जिससे समय से इलाज हो सके।