भिनगा में कुछ इस तरह ट्रैक्टर पर बैठ कर सफर करते लोग।
- फोटो : संवाद
श्रावस्ती। तराई में न तो परिवहन निगम का डिपो है, न रेलवे स्टेशन। हवाई सेवा भी सप्ताह में दो एक दिन ही संचालित हो रही है। ऐसे में संसाधनों की कमी के कारण लोग डग्गामार वाहनों से ही जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। वहीं समय से संसाधन न मिलने के कारण लोग भार वाहनों सहित ट्रैक्टर ट्राॅली, टेंपो, ई रिक्शा आदि से भी सफर करने से परहेज नहीं कर रहे। इसके कारण आए दिन दुर्घटना भी घटित होती है।
दूसरी ओर डग्गामार वाहन चालक अधिक पैसा कमाने के लालच में लोगों को वाहनों की खिड़की व पायदान पर बैठा के लाने ले जाने से परहेज नहीं कर रहे। इससे कभी किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
ऐसा ही कुछ नजारा शनिवार को भिनगा तहसील के पास देखने को मिला। जहां आठ से दस लोग ट्रैक्टर पर बैठकर यात्रा करते दिखेद। वहीं जमुनहा बहराइच मार्ग पर कानीबोझी चौराहे के पास टैंपो के पायदान पर खड़े होकर तो सोनवा के चिचड़ी में लोग टेंपो पर लटक कर यात्रा करते देखे गए। इस बारे में एएसपी प्रवीण कुमार यादव का कहना है कि यदि ऐसा है तो सख्ती की जाएगी।
भिनगा में कुछ इस तरह ट्रैक्टर पर बैठ कर सफर करते लोग। - फोटो : संवाद