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Lucknow News: भड़क रहा आक्रोश, प्रदर्शन के रास्ते पर बीसी और समूह सखियां

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बारिश में प्रदर्शन करतीं बीसी स​खियां।
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लखनऊ। रोजगार और स्वरोजगार की आस में समूह से जुड़कर समूह सखी और बीसी सखी का काम कर रही महिलाओं में अव्यवस्थाओं को लेकर आक्रोश भड़क रहा है। नाममात्र का कमीशन, खराब हो रही डिवाइस और बढ़ रहे कर्ज के बोझ से परेशान लखनऊ की बीसी सखियों ने प्रदर्शन का रास्ता चुना है। मानदेय और अन्य मांगों के लिए भी समूह सखियां परेशान हैं। तीन दिन पहले डीसी एनआरएलएम को ज्ञापन दे चुकी हैं।
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समूह सखियों को चाहिए बढ़ा मानदेय और इलाज
लखनऊ में चार सौ से ज्यादा समूह सखियां हैं। इन्हें प्रतिमाह दो हजार रुपये मानदेय मिलता है। मानदेय बढोतरी व अन्य मांगों को लेकर समूह सखियां भी प्रदर्शन कर रही हैं और ज्ञापन दे रही हैं। समूह सखी सुनीता ने बताया कि चार दिन पहले विकास भवन में प्रदर्शन किया गया था। अब ईको गार्डन में प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। प्रतिमाह 15 हजार रुपये मानदेय, पांच लाख तक का कैशलेस इलाज, डिजिटल कार्य के लिए उपकरण आदि की मांग की जा रही है।
बारिश में ईको गार्डन में डटीं बीसी सखियां
लखनऊ और प्रदेश के दूसरे जिलों से आईं बीसी सखियों ने विशिष्ट करस्पांडेंट महिला उत्थान समिति के बैनर तले शनिवार को ईको गार्डन में अपनी आवाज बुलंद की। बारिश के बावजूद वे ईको गार्डन में डटी रहीं। मोहनलालगंज क्षेत्र की बीसी सखी शालिनी सिंह ने बताया कि लखनऊ से आरती यादव, आरती गौतम, सुनीता वर्मा आदि धरने में शामिल हुईं। कहा कि उन लोगों को कोई नियमित मानदेय नहीं मिलता है। 10 हजार के लेनदेन पर सिर्फ 20 रुपये मिलते हैं। इसमें से 25 फीसदी कंपनी को चला जाता है। संस्थापक उदय मिश्र ने बताया कि बीसी सखियों की चार प्रमुख मांगें हैं। इसमें नियमित मानदेय, पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज, सरकार की ओर दिया गया 75 हजार रुपये का सपोर्ट फंड माफ करने और बीसी सखी को आधार संशोधन का कार्य देने की मांग शामिल है। बताया कि शनिवार को ग्राम विकास विभाग के मुख्य सचिव सौरभ बाबू से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात हुई है।
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