हाईकोर्ट के दखल से मिले इलाज के बाद चार माह का राज शर्मा स्वस्थ होकर
जहां घर चला गया, वहीं सरकारी खर्च पर गरीबों के इलाज की राह भी खोल गया।
राज्य सरकार ने गरीबों के इलाज के लिए पांच करोड़ रुपये का रिवाॅल्विंग फंड
बनाया है। इस राशि का उपयोग सूबे के 9 करोड़ गरीबों के इलाज के लिए होगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने इस कदम को स्वागतयोग्य बताते हुए कहा कि
इनके लिए कुछ और रकम की व्यवस्था होनी चाहिए।
न्यायमूर्ति
देवी प्रसाद सिंह व न्यायमूर्ति अशोक पाल सिंह की खंडपीठ ने बच्चे के पिता
पप्पू शर्मा की रिट का निपटारा करते हुए कहा, गरीबों के इलाज पर गौर करने व
समुचित कदम उठाने का काम राज्य सरकार का है।
सरकार
की तरफ से मुख्य स्थायी अधिवक्ता आईपी सिंह ने कोर्ट को बताया कि गरीब व
निचले तबके वालों की जरूरत पूरी करने को एसजीपीजीआई लखनऊ में भी एक
रिवॉल्विंग फंड बनाया गया है।
अदालत ने अखबारों में विज्ञापन देकर लोगों
को
रिवॉल्विंग फंड की जानकारी पहुंचाने का निर्देश दिया।
कौन है राज?
न्यूमोनिया
से पीड़ित मासूम राज के पिता की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह उसका
इलाज करा सके। पिता पप्पू शर्मा ने अदालत से गुहार लगाई।
तब कोर्ट ने जीवन व
स्वतंत्रता के मूल अधिकार के मद्देनजर राज्य सरकार को निर्देश दिया कि
केजीएमयू में मासूम का सरकारी खर्च पर इलाज कराया जाए।
कोर्ट के आदेश के
बाद बच्चे काे केजीएमयू में इलाज मिला और वह स्वस्थ होकर घर चला गया।