परिषदीय स्कूलों में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए नया प्रयोग होने जा रहा है। इसके तहत परिषदीय स्कूलों के छात्रों को रिटायर हुए शिक्षक पढ़ाएंगे।
इन शिक्षकों को हर माह 7000 रुपये फिक्स मानदेय दिया जाएगा। रिटायर शिक्षक जिस गांव का होगा, उसकी तैनाती भी वहीं होगी।
इससे फायदा यह होगा कि सरकार को नियमितीकरण के झंझट का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए 30 जून, 2013 को रिटायर हो रहे शिक्षकों का ब्यौरा एकत्र करा लिया गया है। ऐसे करीब 10,933 शिक्षक हैं।
इन शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया नवंबर माह से शुरू हो सकती है। इस संबंध में 24 अक्तूबर को होने जा रही बेसिक शिक्षा अधिकारियों की बैठक में निर्णय किया जाएगा।
शासन स्तर पर हुई उच्चाधिकारियों की बैठक में यह मत बना है कि संविदा या फिर अन्य किसी तरह के शिक्षकों को रखने पर आगे चलकर उन्हें नियमित करने का दबाव होता है।
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इसलिए रिटायर शिक्षकों को फिक्स मानदेय पर रखकर बच्चों को पढ़वाया जाय। इन्हें 11 माह के लिए रखा जाएगा और आगे चलकर उनके स्वास्थ्य को देखते हुए सीमा विस्तार दिया जाएगा।
इनका काम केवल बच्चों को पढ़ाना होगा। इनसे कोई दूसरा काम नहीं लिया जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है।
राज्य सरकार ने 72,825 प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन लिया था, लेकिन हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।
मौजूदा समय प्राइमरी में 2,36,398 और उच्च प्राइमरी में 55,508 पद रिक्त हैं। 30 जून, 2013 तक 10933 शिक्षक रिटायर होंगे।
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