लखनऊ। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की ओर से संचालित बौद्ध दर्शन और ज्योतिष धर्म ग्रंथ कोर्स में दाखिला लेकर सेवानिवृत्त अफसर अपना भविष्य तलाश रहे हैं। विभाग के मुताबिक, इन कोर्सों में सामान्य छात्रों की संख्या से ज्यादा सेवानिवृत्त अफसर और कर्मचारी शामिल हैं। सभी कोर्सों में करीब 45 से 50 फीसदी सीटों पर छात्र प्रवेश ले रहे हैं।
सेवानिवृत्त अधिकारी हरिओम ने बताया कि ज्योतिष धर्म ग्रंथ कोर्स में प्रवेश लिया है। कार्यकाल के दौरान ज्योतिष साहित्य व धर्म ग्रंथ को समझना इच्छा थी लेकिन, नौकरी की वजह से पढ़ाई नहीं कर सके। कोर्स करने के बाद पार्ट टाइम सेवा देने का भी अवसर मिलेगा।
सिविल सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारी हीरालाल बौद्ध जिनकी उम्र करीब 60 साल है उन्होंने पालि बौद्ध दर्शन के परास्नातक कोर्स में प्रवेश लिया है। उन्होंने बताया कि बुद्ध के ज्यादातर उपदेश पालि भाषा में है। बारीकियों को समझने के लिए कोर्स में प्रवेश लिया है।
केंद्रीय संस्कृत विवि के निदेशक प्रो. सर्व नारायण झा के मुताबिक, पालि बौद्ध दर्शन में स्नातक और परास्नातक कोर्स कराए जा रहे हैं। यह पहला संस्थान है जहां पालि साहित्य को संस्कृत में पढ़ाया जाता है। पालि कोर्स के प्रत्येक सत्र में 50 सीटों पर प्रवेश होते हैं इनमें 20 से 25 सीटों पर सेवानिवृत्त अधिकारी व कर्मचारी प्रवेश लेते हैं। ज्योतिष धर्म ग्रंथ में भी सेवानिवृत्त अधिकारी व कर्मचारी प्रवेश लेते हैं।