लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाना की हवालात में बंद चोरी के आरोपी उमेश को रिटायर्ड डीआईजी उमाशंकर जायसवाल ने भी पीटा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रिटायर्ड डीआईजी उमाशंकर शुक्रवार सुबह करीब छह बजे उमेश को थाना लेकर आई पीआरवी के साथ ही आए थे।
उन्होंने थाने में उमेश की पिटाई भी की। पुलिस अब उनसे पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। मालूम हो लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाने की हवालात में शुक्रवार सुबह सीतापुर निवासी 30 वर्षीय उमेश ने बेल्ट से फांसी लगा ली। उसे रिटायर्ड डीआईजी के घर चोरी के आरोप में पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था। उधर, उमेश की हत्या के मामले में दर्ज केस में रविवार को विवेचक विभूतिखंड इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ला ने गोमतीनगर विस्तार के निलंबित अतिरिक्त निरीक्षक बृजेश कुमार यादव के बयान दर्ज किए।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक रिटायर्ड डीआईजी और उनके नौकर राजकुमार ने उमेश को पहले घर पर पीटा था। इसके बाद उसकी गोमतीनगर विस्तार थाने में भी पिटाई की। उमेश को रात करीब ढाई बजे रिटायर्ड डीआईजी के खरगापुर स्थित निर्माणाधीन मकान में चोरी करते हुए उनके नौकर ने पकड़ा था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि नौकर राजकुमार ने रिटायर्ड डीआईजी को फोन कर इसकी सूचना दी तो वे आधी रात को ही मौके पर पहुंच गए। वहां दोनों ने मिलकर उमेश को पीटा। इसके बाद सुबह करीब छह बजे डायल 112 को फोन कर सूचना दी गई। पीआरवी मौके पर पहुंची और उमेश को गोमतीनगर विस्तार थाना लाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
अन्य पुलिसकर्मियों के भी लिए जाएंगे बयान
रिटायर्ड डीआईजी और नौकर भी पीआरवी के साथ ही गोमतीनगर विस्तार थाने आ गए थे। उस वक्त थाने में जीडी लेखक राधा मोहन सिंह और एक सिपाही ही ड्यूटी पर था। राधामोहन सिंह ने सिपाही से कहकर उमेश को हवालात में बंद करा दिया और काम में व्यस्त हो गया। उधर, रिटायर्ड डीआईजी थाना प्रभारी के कक्ष में बैठे रहे।
कुछ देर बाद उन्होंने हवालात में लाकर उमेश की पिटाई की। सुबह करीब साढ़े आठ बजे उमेश को मृत देख पुलिस के होश उड़ गए। डीसीपी सोमेन वर्मा का कहना है कि उमेश की रिटायर्ड डीआईजी के घर पर पिटाई हुई थी। रिटायर्ड डीआईजी थाने भी आए थे। उन्होंने निर्माणाधीन मकान और थाने में उमेश के साथ मारपीट की या नहीं? इसकी जानकारी के लिए उनसे पूछताछ की जाएगी।
उधर, उमेश के भाई की तरफ से रिटायर्ड डीआईजी के नौकर राजकुमार के खिलाफ दर्ज हत्या के मामले की विवेचना कर रहे विभूतिखंड इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ला ने रविवार दोपहर निलंबित अतिरिक्त निरीक्षक बृजेश कुमार यादव के बयान दर्ज किए। विवेचक ने बताया कि जल्द अन्य पुलिसकर्मियों के भी बयान लिए जाएंगे।
हवालात में लटका नहीं बैठा हुआ मिला था उमेश
उमेश हवालात में फंदे से लटका हुआ नहीं बल्कि बैठा हुआ मिला था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हवालात में उमेश बैठा था और उसकी गर्दन में बेल्ट कसी हुई थी। परिजनों का कहना है कि पिटाई से मौत के बाद खुदकुशी दिखाने के लिए ही पुलिस ने उसकी गर्दन में बेल्ट कस दी होगी।
हिरासत में मौत की न्यायिक जांच के लिए जिला जज को लिखा पत्र
डीसीपी पूर्वी ने बताया कि उमेश की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच नहीं न्यायिक जांच कराई जाएगी। इसके लिए उन्होंने जिला जज को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने जिला जज से न्यायिक जांच के लिए कमेटी गठित करने का अनुरोध किया है।
फोरेंसिक विशेषज्ञों से लेंगे राय
उमेश की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ ही फोरेंसिक विशेषज्ञों से भी राय ली जाएगी। डीसीपी पूर्वी ने बताया कि सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजी जाएगी।