मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी।
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राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण के मद्देनजर लागू प्रतिबंधों में कुछ और ढील दी है। मुख्य सचिव आरके तिवारी ने इस संबंध में शुक्रवार को नई गाइडलाइन जारी कर दी। यह एक फरवरी से अग्रिम आदेशों तक प्रदेश में लागू रहेंगे।
नई गाइडलाइन के तहत किसी बंद स्थान जैसे हॉल या कमरे में निर्धारित क्षमता का 50 फीसदी पर एक समय में अधिकतम 200 व्यक्तियों तक की अनुमति दी गई है। हालांकि यह अनुमति फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्कैनिंग, सेनेटाइजर व हैंडवास की उपलब्धता की अनिवार्यता के साथ होगी। पहले यह अनुमति महज 100 लोगों के लिए ही थी। वहीं, ऐसे ही खुले स्थान या मैदान पर क्षेत्रफल की 50 फीसदी से कम क्षमता तक ही व्यक्तियों को अधिकतम अनुमन्य होगा। पहले यह 40 फीसदी था।
मुख्य सचिव ने कहा कि कोरोना के नियंत्रण में राज्य सरकार को अब तक बेहतरीन सफलता मिली है। पिछले चार माह से कोरोना के सक्रिय केस में लगातार कमी आ रही है। फिर भी इस महामारी पर पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए सावधानी बरतने और पूर्व में जारी भारत व राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का और सख्ती से अनुपालन किए जाने की आवश्यकता है। कोरोना संक्रमण के खतरे के प्रति संवेदनशील लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर पहले के प्रतिबंधों को लागू रखा गया है। इसमें 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, एक से अधिक बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के लिए जरूरी होने पर ही घर से निकल सकेंगे। अन्यथा उन्हें घरों के अंदर ही रहने होंगे।
मास्क न पहनने वालों पर होगी कार्रवाई
गाइडलाइन में कहा गया है कि सार्वजनिक व कार्यस्थल पर मास्क न पहनने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। भीड़भाड़ वाले स्थलों जैसे- बाजार, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, साप्ताहिक बाजार, सार्वजनिक परिवहन आदि में सामाजिक दूरी का पूरी तरह पालन किए जाए। अंतरराज्यीय व राज्य के अंदर लोगों के आने-जाने व माल ढोने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। पड़ोसी देशों के साथ संधि शर्तों के अनुरूप सीमापार परिवहन की अनुमति होगी। इसके लिए अलग से किसी भी प्रकार की अनुमति या ई-परमिट आदि की आवश्यकता नहीं होगी।