लखनऊ। निर्वाचन आयोग ने 11 दिसंबर तक एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन मतदाता फाॅर्म जमा नहीं कर रहे। स्थिति यह है कि बीएलओ, खासकर महिलाएं रात 10 बजे तक फील्ड में उलझी रहती हैं। पिछले एक महीने से स्कूल, घर और एसआईआर तीनों की जिम्मेदारी एक साथ निभाना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है।
हजरतगंज के नरही क्षेत्र में बीएलओ की जिम्मेदारी निभा रहीं मनदीप कौर बताती हैं कि 15 दिन पहले फाॅर्म लेकर गए कई लोगों ने अभी तक उसे जमा नहीं किया है। उनके घर जाओ तो ताला लगा मिलता है, फोन भी नहीं उठाते। 120-130 लोगों के फाॅर्म अब तक अधूरे हैं। वह बताती हैं कि अक्सर रात 8 से 10 बजे तक छुट्टी नहीं मिलती। पति का देहांत हो चुका है, एक बेटे को भी संभालना होता है। कई बार तो खाने का भी समय नहीं मिलता।
वहीं, रहमतनगर परिषदीय विद्यालय की शिक्षिका पुनीता कुशवाहा भी यही पीड़ा साझा करती हैं। उनका निर्धारित क्षेत्र स्कूल से 3-4 किलोमीटर दूर है, जहां उन्हें रोजाना दौरा करना पड़ता है। मतदाता बार-बार कहने पर भी एसआईआर फॉर्म जमा नहीं करते। वह कहती हैं कि बच्चों को पढ़ाना हो या घर संभालना, ऊपर से एसआईआर का लगातार दबाव। कई बार तबीयत तक खराब हो जाती है। देर रात तक काम करना पड़ता है। घर पर भी इससे राहत नहीं मिलती।
मतदाताओं से अपील : गणना प्रपत्र समय पर जमा करें
जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 11 दिसंबर तक कार्य हर स्थिति में पूरा करना आवश्यक है। बीएलओ की वर्तमान प्राथमिकता इसी कार्य को पूरा करना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने गणना प्रपत्र जल्द भरकर संबंधित बीएलओ को सौंप दें, ताकि समय से डिजिटाइजेशन किया जा सके।