न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने यह आदेश भगवान सिंह वर्मा समेत 11 कर्मियों की याचिका पर दिया। इसमें याचियों का कहना था कि गत 29 सितंबर को वित्त विभाग के शासनादेश में कहा गया कि सीनियर कर्मी को उससे जूनियर कर्मी के बराबर वेतन नहीं दिया जा सकता, जबकि वित्तीय नियम 22 बी व सरकार के गत 5 नवंबर के नीतिगत शासनादेश में साफ प्रावधान है कि जब भर्ती का स्रोत व सेवा संवर्ग एक है तो वरिष्ठ कर्मी को उससे कनिष्ठ के बराबर वेतन दिया जाएगा। ऐसे में 29 सितंबर के शासनादेश को 5 नवंबर के शासनादेश के उल्लंघन में होने की दलील दी गई। कहा गया कि ऐसे में याची 6600 रुपये का ग्रेड पे पाने के हकदार हैं।