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कारगिल शहीदों के परिजनों का सीएम ने किया सम्मान, कारगिल स्मृति वाटिका में हुआ आयोजन

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कारगिल विजय दिवस पर कारगिल युद्ध के शहीदों के परिजनों को अलंकृत किया गया। सोमवार को कारगिल स्मृति वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें यह सम्मान दिया। इस मौके पर कारगिल शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उनके शौर्य को नमन किया गया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत माता के महान सपूतों और वीर जवानों की सतर्कता, सजगता, मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण और अद्भुत बलिदान के कारण ही हम सुरक्षित माहौल में चैन की सांस लेते हैं। इसलिए कहा जाता है, एक जवान जब शहीद होता है तो वह कौम को नई जिंदगी देता है, नई प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि मई 1999 में पड़ोसी राष्ट्र ने एक षडयंत्र के तहत कारगिल युद्ध देश पर थोपा था। विपरित परिस्थितियों के बावजूद मात्र दो से ढाई माह में भारत के बहादुर जवानों ने दुश्मन को वहां से खदेड़ दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का दिन हमारे लिए गौरव और गरिमा का अवसर है।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने तथा सीमा की रक्षा करते हुए प्राणों का बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के समय एक अस्पताल में उन्हें घायल सैनिकों से मिलने का अवसर मिला तो वहां सैनिक घायलावस्था में भी मुस्कुराते हुए मिले। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, जल शक्ति मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह, विधायक सुरेश तिवारी, महापौर संयुक्ता भाटिया, प्रमुख सचिव समाज कल्याण के रविन्द्र नायक, मंडलायुक्त लखनऊ रंजन कुमार सहित सैनिक कल्याण निदेशक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर रवि, डीएम अभिषेक प्रकाश उपस्थित रहे।
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देश में बनेंगे सौ नए सैनिक स्कूल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सैनिक स्कूलों की स्थापना की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया है। केन्द्र सरकार के नए बजट में देश में 100 नए सैनिक स्कूल की स्थापना प्रस्तावित किए जाने पर उन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण, अनुशासन तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण की अद्भुत मिसाल सैनिक स्कूल से पेश की जा सकती है। सैनिक स्कूलों की शुरुआत राजधानी लखनऊ से हुई थी। हमारी सरकार ने कैप्टन मनोज पांडेय के नाम पर लखनऊ सैनिक स्कूल का नामकरण भी किया। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में चार सैनिक स्कूल संचालित हैं। 5वें सैनिक स्कूल का शिलान्यास जनपद गोरखपुर में हाल ही में हुआ है।
50 लाख की मिलती है सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना, अर्द्धसैनिक बलों तथा पुलिस के प्रदेश के बहादुर जवानों की शहादत पर राज्य सरकार शहीद के परिवार को अपनी ओर से 50 लाख रुपये की सहायता प्रदान करती है। साथ ही परिवार के एक सदस्य का शासकीय सेवा में समायोजन, शहीद के नाम पर उनके जनपद में एक भवन या मार्ग के नामकरण के साथ उनका स्मारक बनाने का काम भी शुरू हुआ है।
इन्हें किया गया सम्मानित
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लखनऊ के शहीद सैनिकों के परिवारीजनों का सम्मान किया। उन्होंने परमवीर चक्त्रस् विजेता कैप्टन मनोज पांडेय, मेजर रितेश शर्मा, राइफल मैन सुनील जंग के परिजनों को सम्मानित किया। उत्तर प्रदेश के रणबांकुरों के साहस, शौर्य, पराक्रम और उनकी शौर्य गाथाओं पर केंद्रित पुस्तक वीरता और सम्मान का विमोचन किया।
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