नाला-नाली व सीवर सफाई, अवैध कब्जा, अतिक्रमण समेत अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराने में लखनऊ के लोग सबसे आगे हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के परीक्षण में प्रदेश के 17 में से 9 नगर निगम और एक नगर पालिका परिषद महोबा के खिलाफ सबसे अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं। शिकायत दर्ज कराने वालों में पहले नंबर पर लखनऊ है तो दूसरे नबंर पर कानपुर नगर निगम का नाम है। इनमें अलीगढ़, आगरा, बरेली, झांसी, फिरोजाबाद, प्रयागराज, मेरठ का भी नाम शामिल है।
आम लोगों की शिकायतों को दूर करने के लिए शुरू की गई 'मुख्यमंत्री हेल्पलाइन -1076' की टेस्टिंग हुई तो नगर विकास विभाग से संबंधित सर्वाधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें 10 नगर निकाय ऐसे हैं, जहां पर आम सुविधाओं से जुड़ी सबसे अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं । 15 से 31 जुलाई तक नगर विकास विभाग के कार्यों के संबंध में कुल 53827 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 2954 शिकायतों का आंशिक निस्तारण और 15718 शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण हो चुका है। शेष शिकायतों का निस्तारण होना बाकी है।
इस आधार पर नगर विकास विभाग ने सभी संबंधित नगर निकायों को शिकायतों की सूची भेजकर सभी शिकायतों को तत्काल कार्यवाही करते हुए निस्तारित करने के निर्देश दिए गए है । इस संबंध में निदेशक स्थानीय निकाय की ओर से सभी संबंधित नगर निकायों को मुख्यमंत्री हेल्प लाइन पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण के लिए दिशा-निर्देश भेजा गया है।
इस तरह की हैं सर्वाधिक शिकायतें
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर सबसे अधिक शिकायते व्यवस्थागत व कार्यों को लेकर दर्ज कराई गई हैं। इनमें सफाई न होने, नाले व नालियों के जाम होने, सड़कों के खराब होने, कूड़़ा का निस्तारन न होने, अवैध निर्माण व कब्जा, घटिया निर्माण कार्य, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट के खराब होने और आवारा पशुओं व कुत्तों के घूमने जैसी शिकायतें शामिल हैं।