फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रमोशन में आरक्षण : आज समर्थक करेंगे पैदल मार्च, विरोधियों ने बुलाया राष्ट्रीय सम्मेलन

Fri, 28 Sep 2018 09:40 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रमोशन में आरक्षण - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
आरक्षण समर्थक और विरोधी शुक्रवार को राजधानी में शक्ति प्रदर्शन करेंगे। आरक्षण समर्थक पदोन्नति में आरक्षण बिल पास करने तथा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर पदावनत कार्मिकों की बहाली की मांग को लेकर अंबेडकर स्मारक से पैदल मार्च करेंगे। वहीं, आरक्षण विरोधियों ने गन्ना संस्थान में राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाया है। इसमें पदोन्नति में आरक्षण व एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ देशव्यापी संघर्ष की रणनीति तय की जाएगी।
विज्ञापन


आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर आरक्षण समर्थक पदोन्नति में आरक्षण के लिए संसद में लंबित बिल पास कराने तथा सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करने आदि की मांग को लेकर सुबह अंबेडकर स्मारक गोमतीनगर से पैदल मार्च निकालेंगे। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बैठकर इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। उन्होंने विभिन्न विभागों के एससी-एसटी कर्मचारियों से संपर्क कर मार्च में पहुंचने की अपील की। 

समिति के पदाधिकारियों अवधेश वर्मा, राम शब्द जैसवारा, आरपी. केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अंजनी कुमार आदि ने कहा, मोदी सरकार को अविलंब पदोन्नति में आरक्षण बिल को संसद से पास कराकर संविधान की 9वीं सूची में डालना चाहिए। यह भी व्यवस्था करनी चाहिए कि सभी राज्यों के लिए इस कानून को लागू करना बाध्यकारी हो। जिस तरह देश में आरक्षण व एससी-एसटी एक्ट पर कुठाराघात किया जा रहा है, उससे सिद्ध हो गया है कि आरक्षण लागू करने वाले लोग ईमानदार नहीं हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, आरक्षण विरोधी सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने राष्ट्रीय सम्मलेन बुलाया है। इसमें पदोन्नति में आरक्षण व एससी-एसटी एक्ट के विरोध में देशव्यापी संघर्ष का निर्णय होगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों कर्मचारी, अधिकारी, शिक्षक, अधिवक्ता और आमजन शामिल होंगे। समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने बताया कि सम्मेलन के मुख्य अतिथि पूर्व डीजीपी एमसी. द्विवेदी होंगे। 

दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र और रेलवे कर्मचारी व अधिकारी संगठनों के पदाधिकारी भी हिस्सा लेंगे। कहा, केंद्र के कुछ मंत्री सुप्रीम कोर्ट के 26 सितंबर के आदेश की मनमानी व्याख्या कर पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था पुन: लागू करने की साजिश रच रहे हैं। इससे सामान्य व अन्य पिछड़ी जाति के कर्मचारियों, अधिकारियों एवं शिक्षकों में भारी नाराजगी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें