फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: मेडिकल कालेजों में 79 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ कोर्ट ने दिया आदेश- अधिनियम पालन करने का वचन दे सरकार

Thu, 04 Sep 2025 02:36 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार आरक्षण अधिनियम 2006 का पालन करने का वचन दे। यह फैसला  राज्य सरकार की अपील पर शुरुआती सुनवाई के बाद दिया गया।
विज्ञापन
- फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार की अम्बेडकर नगर, कन्नौज, जालौन व सहारनपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण के सम्बंध में पारित शासनादेशों को रद्द करने के एकल पीठ के फैसले के खिलाफ दाखिल विशेष अपील पर बृहस्पतिवार को आदेश सुना दिया है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने  राज्य सरकार की अपील पर शुरुआती सुनवाई के बाद यह  आदेश दिया। 

विज्ञापन


कोर्ट ने राज्य सरकार को हफ्ते भर में यह वचन (अंडरटेकिंग) दाखिल करने का निर्देश दिया कि वह आरक्षण अधिनियम 2006 के प्रावधानों का पालन करेगी। कोर्ट ने मौजूदा काउंसिलिंग जारी रखने की अनुमति तो दे दी लेकिन कहा कि दाखिले, अपील के अंतिम निर्णय के अधीन होंगें। कोर्ट ने अपील पर अगली सुनवाई 6 अक्तूबर को नियत की है।

ये भी पढ़ें - अटल यूनिवर्सिटी का पहला दीक्षांत समारोह, नया मेडिकल कॉलेज शुरू करने का किया एलान
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - पटाखा बनाते समय विस्फोट: इलाज के दौरान पुत्र की भी मौत, धमाके में मारे गए थे माता-पिता, एक अब भी गंभीर
विज्ञापन


अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता से पूछा था कि एकल पीठ के निर्णय में क्या कमी है? राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता जे एन माथुर ने दलील दी थी कि एकल पीठ के फैसले व आदेश से इन चारों जिलों के मेडिकल कालेजों में दाखिलों के लिए फिर से काउंसिलिंग करनी पड़ेगी। इससे प्रदेश के ने जिलों के मेडिकल कालेजों में दाखिलों के लिए हो रही काउंसिलिंग पर भी असर पड़ेगा। नई काउंसिलिंग से पहले सीट के अभ्यर्थी बाहर हो जाएंगे। अन्य मेडिकल कालेजों में काउंसिलिंग पूरी होने की वजह से उनके पास विकल्प भी नहीं बचेंगे।

उधर, याची अभ्यर्थी के अधिवक्ता मोतीलाल यादव ने एकल पीठ के फैसले को आरक्षण के कानूनी प्रावधानों के तहत कहकर इस पर पूरी तरह से अमल किए जाने का तर्क दिया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था जिसे कोर्ट ने सुनाया। हालांकि, याची के अधिवक्ता के मुताबिक शुरुआत में याचिका दाखिल करने वाली अभ्यर्थी सबरा अहमद को अंबेडकरनगर या पास के किसी मेडिकल कालेज में उसके आवेदन पर दाखिला देने का निर्देश भी दिया है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें